Satya Darshan

विश्व यकृत (लीवर) दिवस : 19 अप्रैल

अप्रैल 19, 2019

विश्व यकृत (लीवर) दिवस यकृत संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 19 अप्रैल को मनाया जाता है। यकृत मस्तिष्क को छोड़कर शरीर का सबसे जटिल और दूसरा सबसे बड़ा अंग हैं। यह आपके शरीर के पाचन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

आप जो भी खाते और पीते या दवा लेते हैं। वे सभी यकृत से होकर गुजरती हैं। आप यकृत के बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। यह एक ऐसा अंग है कि यदि आप अपने यकृत की उचित तरीके से देखभाल नहीं करते है, तो उसे आसानी से नुकसान पहुंच सकता हैं।

यकृत जटिल कार्यों सहित सैकड़ों मुश्किल कार्य करता है

• संक्रमण और रोग से लड़ना।
• रक्त शर्करा को नियमित करना।
• शरीर से टॉक्सिक (विषाक्त) पदार्थों को निकालना।
• कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करना।
• रक्त के थक्के (अधिक मोटा/गाढ़ा करना) के निर्माण में सहायता करना।
• पित्त निकालना (तरल जो कि पाचन तंत्र में वसा को तोड़ने में मदद करता है)।

आमतौर पर जब तक कि यकृत रोग पूरी तरह से बढ़े और क्षतिग्रस्त न हो जाए, तब तक यह किसी भी साफ़ संकेत या लक्षण को प्रकट नहीं करता है। इस स्थिति में संभावित लक्षण भूख और वज़न में कमी तथा पीलिया हो सकता है।

यकृत की शुद्धता हेतु सुझाव

• लहसुन, अंगूर, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, सेब और अखरोट खाएं।
• जैतून का तेल का उपयोग करें।
• नींबू और नीबू का रस तथा हरी चाय पीएं।
• वैकल्पिक अनाज (मोटा अनाज़, बाजरा और कूटू) के सेवन को प्राथमिकता दें।
• हरी पत्तेदार सब्जियां (बंद गोभी, ब्रोकोली और गोभी) शामिल करें।
• आहार में हल्दी का उपयोग करें।

यकृत स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली

स्वस्थ और संतुलित आहार खाएं तथा अपने यकृत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।

• सभी खाद्य समूहों के खाद्य पदार्थों जैसे कि अनाज, प्रोटीन, दुग्ध उत्पाद, फल और सब्जियां तथा वसा का सेवन करें।

• ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं, जिनमें रेशा भरपूर मात्रा में हों जैसे कि ताजे फल और सब्जियां, साबुत अनाज युक्त ब्रेड, चावल और अनाज।

अल्कोहल, धूम्रपान और ड्रग्स को बोलें 'न'

अल्कोहल, धूम्रपान और ड्रग्स यकृत की कोशिकाओं को नष्ट करता हैं या नुकसान पहुंचता हैं। यहां तक कि निष्क्रिय धूम्रपान के संपर्क में भी नहीं आना चाहिए।

किसी दवा को शुरु करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना

जब दवाओं का सेवन गलत तरीके या गलत संयोजन से किया जाता है, तो यकृत आसानी से ख़राब हो सकता हैं।

जहरीले रसायनों से सावधान रहना

यकृत की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों जैसे कि एयरोसोल, सफाई उत्पादों, कीटनाशकों और टॉक्सिक पदार्थों से बचें।

अपना आदर्श वज़न बनाए रखना

मोटापे के कारण गैर-अल्कोहल वसायुक्त रोग हो सकते हैं।

अपने यकृत की सुरक्षा के लिए हैपेटाइटिस को रोकना

हेपेटाइटिस शब्द का उपयोग यकृत सूजन (सूजन) के लिए किया जाता हैं। यह वायरल संक्रमण या अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आने के कारण होता है। हेपेटाइटिस लक्षण रहित और सीमित लक्षणों के साथ हो सकता है, लेकिन इसमें प्राय: पीलिया, अत्यधिक थकान (भूख में कमी) और अस्वस्थता हो सकती है। हेपेटाइटिस दो प्रकार- तीव्र (एक्यूट) और दीर्घकालिक (क्रोनिक) होता है।
 
टीकाकरण कराना

हेपेटाइटिस के खिलाफ़ टीकाकरण कराएं। हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी के लिए टीकाकरण उपलब्ध हैं।

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