Satya Darshan

सैन्य अधिकारियों के बाद अब 200 वैज्ञानिकों ने की अपील, न करें अवैज्ञानिक ताकतो को वोट

नयी दिल्ली | अप्रैल 15, 2019

विरोधियों को देशद्रोही बताने और देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ देश के वैज्ञानिकों ने अपील की है. करीब 200 वैज्ञानिकों ने मतदाताओं से अपील की है कि विरोधियों को देशद्रोही बताकर देश को बांटने वाली ताकतों के पक्ष में वोट ना करें.

वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन चल पड़ा है. इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है. इससे पहले सेना के रिटायर अफसरों और अन्य रिटायर अधिकारियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर चुनाव में सेना के नाम का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगायी थी.

वैज्ञानिकों का कहना है कि विज्ञान अर्थात जड़ न होना, जहां तर्क वितर्क समाप्त हो जाता है वहीं विज्ञान समाप्त हो जाता है. विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन न सिर्फ वैज्ञानिकों के लिये, लोकतंत्र के लिये भी बड़ा खतरा है. तीन अप्रैल को जारी बयान में वैज्ञानिकों ने कहा है कि चुने गये नेताओं ने पिछले पांच सालों में जो कदम उठाये हैं, उससे देश के वैज्ञानिक विचारों पर हमला हुआ है.

जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टीच्यूट आफ मैथमेटिकल साइंसेंज, चेन्नई के वरिष्ठ भौतिक विज्ञानी सिताभ्रा सिन्हा ने वर्ष 1799 मैं स्पैनिश कलाकार फ्रांसिस्को गोया की एक तस्वीर का हवाला देते हुए है कि कि जब चर्चा शब्दों में बंद हो जाती है और तर्क सो जाते हैं, तब दैत्य का जन्म होता है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूर्व सैन्य प्रमुखों ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर कहा था कि सेना के राजनीतिक इस्तेमाल पर रोक लगायी जाये. इससे पहले ही हम बिल्कुल किनारे पर पहुंच जायें, हमें स्थिति को बदलनी चाहिए.

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