Satya Darshan

चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता को कटिबद्ध कांंग्रेस घोषणापत्र हम-निभायेंगे में पत्रकारों की सुरक्षा का वादा

सत्यम् | अप्रैल 3, 2019

लोकसभा चुनाव के लिए जारी कांग्रेस के घोषणापत्र में किसान, गरीब, बेरोजगार और युवाओं के लिए कई वायदा, राजद्रोह और पूर्वोत्तर के राज्यों में सुरक्षाबलों को विशेष अधिकार देने वाले सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (आफस्फा) की धारा को खत्म करने का ऐलान किया है। 

साथ ही मीडिया और मीडिया की स्वतंत्रता पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस के घोषणापत्र ‘हम निभाएंगे’ में कहा गया है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो देशद्रोह के अपराध को परिभाषित करने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को खत्म किया जाएगा। घोषणापत्र में लिखा गया है कि इस धारा का बहुत दुरुपयोग किया गया है। 

इसी तरह काग्रेंस के घोषणा पत्र ‘हम निभाएंगे’ के पेज नम्बर 35 पर मीडिया की स्वतंत्रता पर 7 बिन्दु वादे किये गए हैं। जिसमें हाल के दिनो में मीडिया के कुछ हिस्से ने या तो अपनी स्वतंत्रता का दुरूपयोग किया है या आत्मसमर्पण। 

आत्मनियमन/स्वनियंत्रण मीडिया की स्वतंत्रता के दुरूपयोग को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है, कांग्रेस प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट- 1978 में उल्लेखित स्वनियमन की प्रणाली को मजबूत करने, पत्रकारों की स्वतंत्रता को बनाये रखने और सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ रक्षा करने का वायदा करती है। इसी तरह काग्रेंस फर्जी खबरों और पेड न्यूज़ के खतरे से निपटने के लिए, भारतीय प्रेस परिषद को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद अधिनियम 1978 में संशोधन करने का वादा करती है। 

हम प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया के साथ मिलकर अखबारों और मीडिया संघो के लिए एक आदर्श आचार संहिता विकसित करें, जो प्राकृतिक आपदा, साम्प्रदायिक संघर्ष, दंगो, आतंकवादी हमलों और युध्द की स्थिति में रिपोर्टिंग को नियंत्रित और संयमित करते हुए संतुलन कायम कर सके, जिससे उपरोक्त वर्णित विपरीत परिस्थितियों में, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा कानून और व्यवस्था के रखरखाव में दिक्कत पैदा न हो। 

कांग्रेस मीडिया में एकाधिकार रोकने के लिए कानून पारित करेगी ताकि विभिन्न क्षेत्रों के क्राॅस स्वामित्व तथा अन्य व्यवसायिक संगठनो द्वारा मीडिया पर नियंत्रण न किया जा सके। कांग्रेस भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग को संदिग्ध एकाधिकार के मामलों की जांच के लिए कहेगी। कांग्रेस इंटरनेट की स्वतंत्रता को संरक्षित करने और सरकारी हस्तक्षेप से इंटरनेट के मनमाने ढंग बाधित करने की प्रक्रिया को रोकने के लिए, कानून पारित करने का वादा करती है। 

हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि संघर्ष के क्षेत्रों में कार्यरत सार्वजनिक हित के मामलों की जांच करने वाले पत्रकारों या उन पत्रकारों, जिनके जीवन को खतरा है, नियमानुसार पुलिस सुरक्षा प्रदान की जा सके। 

कांग्रेस सिनेमेटोग्राफ अधिनियम 1972 में संशोधन करके, फिल्मों की सेंसरशिप के आधार को अश्लीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित रखेंगे, हम पारदर्शी और उचित मापदण्डों के अनुसार फिल्मों को प्रमाणित करने के लिए केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को निर्देशित करेंगे।

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