Satya Darshan

विश्व कैंसर दिवस: इतिहास, उद्देश्य एवं इससे जुडी समस्त जानकारी और मुख्यमंत्री पर्रिकर ने कहा क्या

लंबे समय से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि मानव मस्तिष्क किसी भी बीमारी का इलाज खोज सकता है। उन्होंने यह संदेश सोमवार को विश्व कैंसर दिवस पर दिया। 63 वर्षीय पर्रिकर अग्न्याशय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और फिलहाल नयी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं। पर्रिकर ने सोमवार को ट्वीट किया कि मानव मस्तिष्क किसी भी बीमारी का तोड़ खोज सकता है।

कैंसर एक ऐसी जानलेवा और गंभीर बीमारी है जिससे सबसे ज्यादा लोगों की मृत्यु होती है। विश्व में इस बीमारी की चपेट में सबसे अधिक मरीज़ हैं। देखा जाए तो पूरे विश्व में यह बीमारी फैल चुकी है। इस बीमारी को डिटेक्ट करने, इसकी रोकथाम करने और जागरूकता फैलाने हेतु हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व कैंसर दिवस  मनाया जाता है।

विश्व कैंसर दिवस का इतिहास

सबसे पहले विश्व कैंसर दिवस वर्ष 1993 में जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (UICC) के द्वारा मनाया गया यानी विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) की स्थापना यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (UICC) के द्वारा की गई. कुछ अन्य प्रमुख कैंसर सोसाइटी के सपोर्ट, रिसर्च इंस्टिट्यूट, ट्रीटमेंट सेंटर और पेशेंट ग्रुप की सहायता द्वारा इसका आयोजन किया गया था.

उस समय रिपोर्ट के अनुसार लगभग 12.7 मिलियन लोग कैंसर से पीड़ित थे और हर साल तकरीबन 7 मिलियन लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवा रहे थे।

UICC की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। इसका मुख्यालय जेनेवा में है। यह संपूर्ण विश्व में कैंसर के प्रति जागरुकता लाने और चिकित्सा अनुसंधान में सहायता एवं मरीजों के हितों का ख्याल रखने वाला एक सदस्यता आधारित संगठन है।

विश्व कैंसर दिवस कब मनाया जाता है और इसका क्या उद्देश्य है?

हर साल विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी को मनाया जाता है. UICC का उद्देश्य सन 2008 में लिखे गये वर्ल्ड कैंसर डिक्लेरेशन को सपोर्ट करना है. इस दिवस को मनाने का प्राथमिक उद्देश्य सन 2020 तक कैंसर पीड़ित व्यक्तियों की संख्या में कमी करना और इसके कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना हैं.

साथ ही लोगों में कैंसर के लक्षणों को पहचान पाने के लिए प्रयास करना, उनमें जागरूकता बढ़ाना, लोगों को शिक्षित करना, साथ ही सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों को दुनिया भर में इस बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करना है।

क्यों होता है कैंसर, इसकी शुरूआत कैसे होती है? आखिर कैसे ये एक स्वस्थ्य शरीर को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। क्योंकि लोगों को ये बीमारी होने के बाद पता चलता है कि उन्हें कैंसर हुआ है। इसके शुरूआती लक्षणों के बारे में बहुत ही कम लोगों को मालूम होता है। यहां वर्ल्ड कैंसर डे 2019 पर जानिए कैंसर से जुड़ी सारी बातें , जो आपको मालूम होनी चाहिए........

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो, किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है, इस बीमारी के शिकार बच्चे भी हो सकते है।

क्या होता है कैंसर?

मानव का शरीर कई प्रकार कि कोशिकाओं से मिलकर बना है। यह कोशिकाएं शरीर में बदलावों के कारण बढ़ती रहती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं, तब यह शरीर के बाकि हिस्सों को अपना काम करने में दिक्कत देती हैं। जिससे उन हिस्सों पर कोशिकाओं का समूह गांठ या ट्यूमर बन जाता है। इस अवस्था को कैंसर कहते हैं। यही ट्यूमर बहुत खतरनाक होता है जो पुरे शरीर में फैलता रहता है और बाद में कैंसर का रूप ले लेता है।

क्यों होता है कैंसर

कैंसर होने का सबसे सबसे बड़ा कारण है – प्रदुषण। 35 प्रतिशत कैंसर, खान-पान और रहन-सहन की वजह से होती है , जैसे – शराब, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट, पान-मसाला, आदि इन सबका अत्यधिक सेवन कैंसर होने का खतरा बनता है। कुछ दवाइयां, हार्मोंस, एक्सरे और अल्ट्रा वायलेट किरणें भी कैंसर का कारण बन सकती हैं। यह मानव शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है।

क्या है कैंसर के लक्षण

इसके लक्षण अलग-अलग प्रकार के कैंसर पर आधारित होता है। कैंसर अपने पहले स्टेज में है तो आप आसानी से कीमोथेरेपी, लेजर थेरेपी और रेडियोथेरेपी द्वारा इसका इलाज करा सकते है। लेकिन अगर इसके लक्षणों का पता नहीं चल पाता है तो आपके लिए कैंसर जानलेवा साबित हो सकता है। तो आइये हम जानते है कैंसर के क्या क्या लक्षण हो सकते है.......

त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते होना,
मस्तिष्क या स्पाइनल कॉर्ड में गांठ,
यूरिन में लाल रंग दिखाई देना,
शरीर पर भूरा, लाल, काला, गुलाबी या नीले रंग का तिल का होना,
दो हफ्तों से कफ और सांस लेने में परेशानी होना,
अचानक ही वजन का घटना,
भूख की कमी,
गांठ होना,
गले में खराश,
कमजोरी या थकान होना,
मुंह का अल्सर ठीक ना होना,
पानी पीने या भोजन निगलने में परेशानी,
अचानक वजन का बढ़ना और कम होना,
ज़्यादा थकान, उलटी,
बार-बार बुखार और बीमार होना।
 
कितने प्रकार के होते है कैंसर

देखा जाए तो कैंसर के प्रकार 100 से भी ज्यादा है, लेकिन जो सबसे आम और लोगो में ज्यादा होती है, जैसे –

स्किन कैंसर,

ब्रेस्ट कैंसर,

लंग कैंसर,

प्रोस्टेट कैंसर,

कोलोरेक्टल कैंसर,

ब्लैडर कैंसर,

मेलानोमा,

लिम्फोमा,

किडनी कैंसर और ल्यूकेमिया हैं

कैंसर में करे इन आहार का सेवन

अंडे

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अंडे अंडे में बड़ी मात्रा में विटामिन बी, डी, ई और प्रोटीन पाया जाता है।अंडे में पाया जाने वाला सेलेनियम केमोथेरेपी के साइड इफैक्ट को कम करने के लिए जाना जाता है। यह मतली, बालों का झड़ना, पेट दर्द और कमजोरी को भी कम करता है।

अदरक

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अदरक एक हर्ब है, जिससे सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचता है। अच्छी बात तो यह है कि , अदरक का कोई साइड इफैक्ट नहीं होता है। केमोट्रीटमेंट से पहले अगर मरीज अदरक खाता है तो , उन्हें मतली कम आती है।

हल्दी

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हल्दी को अपने रोज के भोजन में शामिल करे. हल्दी ट्यूमर सेल्स के बढ़ोतरी को कम करती है।

ड्राई फ्रूट्स

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काजू, किशमिश ,बादाम खाने से, कैंसर का फैलाव रुकता है.

पत्ता गोभी

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इसमें कई ऐसे गुण मौजूद हैं जो कैंसर तक को खत्म कर देते हैं। इसे नियमित तौर से खाने पर लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर से बचा जा सकता है। इसके अलावा ये दिल की बिमारी को भी दूर रखता है।

इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम , फॉस्फोरस दिल की बीमारियों से बचाता है। इसमें मौजूद फाइबर्स शरीर के कोलेस्ट्रोल का लेवल कम करते हैं। जिससे हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक जैसी बिमारियां दूर रहती हैं।

ब्रोकली

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ब्रोकली कई तरह की सेहत को लाभ पंहुचाती है। लेकिन सबसे ज्यादा कैंसर से बचाव करती है। एक शोध के मुताबिक ब्रोकोली का अधिक सेवन सिर तथा गले के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर आदि कोशिकाओं को पुन: बनने से रोकता है।

फूलगोभी

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गोभी में एंटी ऑक्सीसडेंट्स होते हैं। एंटी ऑक्सीपडेंट्स के काफी लाभ होते हैं। ये हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। फूलगोभी, कैंसर से बचाव करती है।

जानें कैंसर से बचने के उपाय

डॉक्टर कैंसर की स्टेज, मरीज की बीमारियों का इतिहास और लक्षणों देखकर इलाज करता है. आमतौर पर इसका इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन से किया जाता है।

सर्जरी
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इसमें डॉक्टर इफेक्टिड एरिया को शरीर से अलग करते हैं. जैसे ब्रेस्ट कैंसर होने पर ब्रेस्ट को हटा दिया जाता है. प्रोस्टेट कैंसर होने पर प्रोस्टेट ग्लैंड को निकाल दिया जाता है. सभी तरह के कैंसर में सर्जरी की जरूरत नहीं होती. जैसे ब्लड कैंसर को सिर्फ दवाइयों से ठीक किया जा सकता है।

कीमोथेरेपी
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इसमें ड्रग्स या दवाइयों के जरिए कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है. कुछ कीमो में आईवी (नसों में सुइयों के जरिए) से ठीक किया जाता है, कुछ में आपको दवाई दी जाती है. यह दवाइयां पूरे शरीर में अपना असर दिखाती हैं और हर जगह फैले कैंसर को खत्म करती हैं.

रेडिएशन
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इसमें कैंसर की बढ़ती सेल्स को रोका और उन्हें मारा जाता है. कभी-कभार सिर्फ रेडिएशन या फिर सर्जरी और कीमो के दौरान इससे इलाज किया जाता है. इसमें आपके पूरे शरीर को एक्स-रे मशीन में डाला जाता है, और कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है।

अगर आपको अपने शरीर में कैंसर के लक्षण दिखाई पड़े तो, उसे तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं, उनसे सलाह ले ।

 

 

 

 

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