Satya Darshan

26 जनवरी: इतिहास मे आज क्या है खास

2001 में भारत में 26 जनवरी गुजरात के लिए तबाही लेकर आया। विनाशकारी भूकंप ने कई हजार लोगों को लील लिया, जबकि चार लाख घरों को नेस्तनाबूद कर दिया।

रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.6 और 7.7 के बीच आंकी गई, जो बेहद खतरनाक श्रेणी का होता है। करीब 700 किलोमीटर दूर तक झटके महसूस किए गए। गुजरात के 21 जिले जलजले से हिल गए और छह लाख लोगों को बेघर होना पड़ा।

भारत जिस वक्त अपना 52वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, सुबह पौने नौ बजे गुजरात का भुज भूकंप से हिल उठा। आखिरी आंकड़ों के मुताबिक कच्छ और भुज में 12,000 से ज्यादा लोगों की जान गई। 

भुज भूकंप के केंद्र से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर बसा शहर है। भचाऊ और अंजार भी बुरी तरह प्रभावित हुए। गांव के गांव मिट्टी में मिल गए, ऐतिहासिक इमारतें जमींदोज हो गईं। भुज में 40 फीसदी घर, आठ स्कूल, दो अस्पताल और चार किलोमीटर सड़क स्वाहा हो गए।

अमेरिकी अखबार लॉस एंजेलिस टाइम्स ने अगले दिन साइमन केसी ली और जॉन थोर दालब्रुग की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें लिखा था, "भूकंप के बाद की रात अहमदाबाद की सड़कों के किनारे लोग तंबू लगाने लगे, किसी तरह अलाव जला कर गर्मी हासिल करने की कोशिश करने लगे। राहतकर्मी नंगे हाथों में सर्चलाइट पकड़ कर बचे हुए लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे।"

रिपोर्ट में लिखा गया, "भूकंप पीड़ित लोगों के खून से सने शरीर को राहतकर्मी अपने हाथों से निकाल रहे हैं। कपास उत्पादन की वजह से इस शहर को 'मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट' कहते हैं, जहां मलबों में ड्रिलिंग करके जिंदगी की तलाश हो रही है। जैसे ही एक बुलडोजर मलबा साफ करने पहुंचा, पास खड़े लोग स्तब्ध होकर देखने लगे।"

भूकंप का असर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर भी पड़ा। भुज और पास के अहमदाबाद शहरों में तेजी से राहकर्मियों को भेजा गया, लेकिन मलबों से जीवन निकालने का काम आसान नहीं था। इसमें भारतीय सेना की भी मदद ली गई, जबकि कई स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भी गुजरात पहुंचे। गणतंत्र दिवस और छुट्टी का दिन होने की वजह से लोग घरों पर थे और आम तौर पर टीवी पर गणतंत्र दिवस की झांकियां देख रहे थे।

तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने "युद्ध स्तर पर" राहत की अपील की और देशवासियों से कहा, "आपको एक साथ मिल कर इस आपदा से लड़ना चाहिए।"

26 जनवरी की अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

फ्रांस ने इंग्लैड के ख़िलाफ़ 1666 में युद्ध की घोषणा की।

हांगकांग 1841 में ब्रिटिश कब्जे में चला गया।

ब्रिटिश जनरल चार्ल्स गार्डन 1845 में सूडान में मारे गये।

दक्षिण अफ्रीका में 1905 में हुयी खुदाई में दुनिया का सबसे बड़ा 3106 कैरेट का हीरा कलिनन मिला।

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में 1930 में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया।

1931 में ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी रिहा किया गया।

ऑस्ट्रिया और हंगरी ने 1931 में ‘शांति संधि’ पर हस्ताक्षर किये।

पौलैंड और जर्मनी के बीच 1934 में दस वर्षीय अनाक्रमण संधि हुई।

सन 1950 में भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ और भारत का संविधान लागू हुआ।

स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने 1950 में अपने पद से त्यागपत्र दिया और डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति बने।

उत्तर प्रदेश के सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ के शेरों को 1950 में राष्ट्रीय प्रतीक की मान्यता मिली।

वर्ष 1937 में गठित भारतीय संघीय न्यायालय (‘फैडेरल कोर्ट ऑफ इंडिया’) का नाम 1950 में बदलकर सर्वोच्च न्यायालय (‘सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया’) कर दिया गया

मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण भारत सरकार ने 26 जनवरी 1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया।

युद्ध में शहीद सैनिकों की याद में दिल्ली के इंडिया गेटपर 1972 में राष्ट्रीय स्मारक ‘अमर जवान ज्योति’ की स्थापना की गयी।

पूर्वोत्तर भारत में हवाई यातायात सुगम बनाने को ध्यान में रखते हुए 1981 में हवाई सेवा वायुदूत प्रारम्भ हुई।

पर्यटकों को विलासितापूर्ण रेल यात्रा का आनंद दिलाने के लिए 1982 में भारतीय रेल ने पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।

पाकिस्तान के रावलपिंडी में 1994 में प्रथम महिला पुलिस थाने का उद्घाटन।

महिलाओं के यौन शोषण पर विश्व सम्मेलन का बांग्लादेश के ढाका में 1999 में आयोजन।

सन 2000 में कोंकण रेलवे परियोजना पूर्ण हुई और प्रथम यात्री गाड़ी चलाई गयी।

2003 के गणतंत्र दिवस समारोह में ईरान के राष्ट्रपति ‘सैयद मोहम्म्द खातमी’ शामिल हुए।

माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष बिल गेट्स को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने 2004 में ‘नाइट’ की उपाधि प्रदान करने की घोषणा की।

2008 में 59वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल ने परेड की सलामी ली।

एन.आर. नारायणमूर्ति को 2008 में फ्रांस सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑवर’ से सम्मानित किया गया।

भारत की पहली महिला राष्ट्रपति एवं क्रमानुसार 12वीं राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल ने 2010 में पद्म पुरस्कार पाने वाली 130 व्यक्तियों के नामों की घोषणा की। इनमें रंगमंच जगत् की किंवदंति इब्राहिम-अल-क़ाज़ी और जोहरा सहगल, ऑस्कर विजेता ए आर रहमान और रसूल पोकुटटी, मशहूर अदाकार रेखा और आमिर ख़ान, फार्मूला़ रेसर नारायण कार्तिकेयन, बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर और क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग शामिल हैं।

26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति – 

1915 में भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी गाइदिनल्यू का जन्म।

1923 में प्रसिद्ध कवि देवनाथ पाण्डेय ‘रसाल’ का जन्म।

1967 में भारतीय पार्श्वगायक प्रदीप सोमासुंदरन का जन्म।

26 जनवरी को हुए निधन –

प्रसिद्ध कायचिकित्सक एडवर्ड जेनर की मृत्यु 1823 में हुयी।

भारत के स्वतंत्रता-संग्राम के राष्ट्रवादी क्रान्तिकारी मानवेन्द्र नाथ राय की मृत्यु 1954 में हुयी।

स्वतंत्रता सेनानी माधव श्रीहरि अणे की मृत्यु 1968 में हुयी।

प्रख्यात इतिहासकार विलियम दाएकिन की मृत्यु 2005 में हुयी।

पंजाबी, हिंदी और उर्दू भाषाओं में लिखने वाले प्रसिद्ध साहित्यकारक करतार सिंह दुग्गल की मृत्यु 2012 में हुयी।

26 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव –

गणतंत्र दिवस

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