Satya Darshan

प्रियंका गांधी की कुंडली काशी के ज्योतिषाचार्य की जबानी

पूरे विधि विधान एवं आधिकारिक रुप से राजनीतिक समरभूमि में उतरने वाली प्रियंका गांधी कांग्रेस की प्रतिष्ठा और खास तौर से उ.प्र. मे पार्टी को और मजबूत करेंगी इसको लेकर खांटी विरोधियों सहित स्वयं के पार्टी दिग्गजों और बडे़ से बडे़ राजनीतिक विश्लेषकों मे किसी को कोई संशय नहीं है।

मगर उनके स्वयं के ज्योतिषिय तारे क्या कहते हैं इसे जानने के लिए आइए उनकी कुंडली की पड़ताल करते हैं। 

नाम - श्रीमती प्रियंका गांधी
जन्मतिथि - 12 जनवरी 1972
जन्म समय - 17:48, बुधवार
जन्म स्थान - दिल्ली, भारत

राजनीतिक लोकप्रियता  अपरंपार

प्रियंका गांधी का जन्म मिथुन लग्न में हुआ है। वृश्चिक जन्मकालिक राशि है। जन्म के समय लग्नाधिपति बुध की केंद्रवर्ती अवस्था एवं बृहस्पति की युति, नवमांश में बुध की स्वग्रही अवस्था, इन्हें राजनीति की दुनिया में अत्यंत लोकप्रिय करने वाली है। 

जनसमर्थन बेशुमार

प्रियंका गांधी के जन्म के समय जनता से मिलने वाले सहयोग एवं प्रेम का अधिपति जहां बुध है, वहीं राजनीतिक सफलता के लिए आवश्यक पंचमाधिपति की अपने घर से पंचम अवस्था यहां प्रचंड रूप से जनता का समर्थन प्राप्त करने वाला सिद्ध होगा। 

बढ़ेगी आर्थिकी मजबूत होगी पारिवारिक ताकत

आर्थिक एवं पारिवारिक ताकत के संदर्भ की बात करें, जो कि जन्म से ही उन्हें प्राप्त है, उसे दशमेश पराक्रमेश एवं लग्नेश की केंद्रवर्ती युति आगे बढ़ाने वाली कही जायेगी। 

वर्तमान में प्रियंका गांधी की शुक्र की महादशा में शनि की अंतरदशा चल रही है। जो सर्वोत्तम नहीं उत्तम कहा जा सकता। शनि जन्मकुंडली भाग्य अधिपति होने के कारण उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के खोए हुए जनाधार को निश्चित रूप से वापसी की ओर ले जायेगा। अर्थात् यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी के लिए प्रियंका गांधी का राजनीतिक प्रवेश अवश्य लाभकारी सिद्ध होगा। परंतु इन्हें गंभीर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी रुबरू होना पड़ेगा। 

शनि दिलायेंगे सफलता 

पीएम नरेंद्र मोदी एवं प्रियंका गांधी दोनो की जन्मकालिक राशि वृश्चिक ही है। ऐसे में राजनीति के मैदान में पीएम मोदी को राहुल गांधी से अधिक चुनौती प्रियंका गांधी से मिलेगी। यहां ध्यान देने योग्य है दोनों की ही साढ़ेसाती चल रही है, जिसके फलस्वरूप मोदी उ.प्र. में न केवल पहले से बहुत कम सफलता प्राप्त करेंगे, बल्कि प्रियंका गांधी के योग हितकारी शनि एवं बृहस्पति की उत्तम दशा के कारण भाजपा सहित एवं अन्य पार्टियों को गंभीर हानि अवश्यंभावी है। 

वर्तमान शासन-सत्ता के रोड़ो से होगी परेशानी मगर रहेगी क्षणिक

सितंबर 19 तक प्रियंका गांधी को परिवार के उपर जहां राजनीतिक आघात का मुकाबला करना होगा, वहीं शासन-प्रशासन की तरफ से भी संकट का सामना भी करना पड़ सकता है। इस बीच प्रियंका गांधी एवं उनके परिवार, विशेष रूप से पति को शासन सत्ता का खासा विरोध झेलना पड़ेगा। लेकिन सितंबर 19 के बाद बुध की अंतरदशा इन्हें राजनीति मे सर्वोच्च स्थान दिलायेगी। 

वैदिक आचार्य की सलाह

वर्तमान समय में शुक्र की महादशा चल रही है और शनि की अंतर्दशा चल रही है इससे आपका राजनीतिक कैरियर अपने सर्वश्रेष्ठ दौर मे है साथ ही आप अपने शत्रुओं को  पराजित भी करेंगी तथा आपकी ख्याति देश विदेश में उत्तरोत्तर बढ़ेगी, बड़े बड़े राजनीतिक संबंध बनेंगे, परिवारिक जीवन में मधुरता आयेगी। कुंडली के सप्तम गृह में सूर्य के बैठने से पति पत्नी के बीच कुछ वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो जाते हैं जिसके लिए सूर्य की उपासना अति आवश्यक है। जन्मकुंडली के सप्तम स्थान से उन्नति भी देखा जाता है अतः बृहस्पति और बुध की युति जो है वह उच्च पद प्रतिष्ठा दिलवाती है। 

बृहस्पति के सप्तम गृह में होने से जातक कभी-कभी आलसी हो जाते हैं और अपने कार्यों को विलंब से करते हैं। जन्म कुंडली में चंद्रमा छठवें स्थान में होने के कारण मन कभी कभी अशांत भी होता है नए-नए विचार तो बनते हैं मगर कभी सोचते कुछ और है करते कुछ और हैं इस कारण कार्य में पूरी सफलता नहीं मिल पाती इसे आस्थान रोग और शत्रु अस्थान दोनों कहा जाता है इसलिए कभी-कभी स्वजनो और यदा-कदा शत्रुओं से भी परेशानी उठानी पड़ती है। चंद्रमा जल तत्व है जिससे कभी-कभी शारीरिक रोग जैसे सर्दी जुखाम, नाक से पानी गिरना, बलगम इत्यादि से बचने के लिए चंद्र ग्रह की शांति कराना भी अति आवश्यक है। कुंडली के छठे स्थान में वृश्चिक राशि होने से शत्रु पराजित होते हैं साथ ही शुक्र में बुध का अंतर 10 आएगा उसमें भूमि भवन वाहन इत्यादि का सुख प्राप्त होगा, देश विदेश में ख्याति, मान सम्मान प्रतिष्ठा पहले की बनिस्बत और बढेगी, जनता से सम्मान मिलेगा, अधिकारीगण आपके अनुकूल हो जाएंगे। 

मंगल ग्रह आपकी कुंडली में छठे स्थान का और एकादश स्थान का स्वामी होकर कर्म स्थान दशम घर में बैठा है अतः कभी-कभी आप दूसरे की बातों को नहीं मानती जिस कारण आपको कष्ट उठाना पड़ता है। मंगल के दशम घर में बैठने के कारण जातक कभी कभी क्रोधित भी हो जाते हैं मगर क्रोध क्षणें रुष्टा क्षणें तुष्टा तक ही सीमित रहता है जो जातक का एक स्वभावगत लक्षण है। 

कोई भी कार्य करने से पहले अच्छे मित्रों से और अपने घर के बड़े बुजुर्गों से सलाह लेकर कोई काम करने में आगे सफलता प्राप्त होगी। आपको जीवन में धोखेबाज लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। मंगल ग्रह के प्रभाव से आप सुनेंगे सब की और करेंगे अपने मन की ऐसा आप का लक्षण है वर्तमान समय बहुत ही अच्छा चल रहा है इसलिए आपके सभी कार्य बनेंगे। 

हाल फिलहाल में शनि ग्रह की पूजा करना अति आवश्यक है जिससे आपके सभी कार्य पूर्ण होंगे। नए नए संबंध बनेंगे राजनीति क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी शत्रु बुरी तरह परास्त होंगे। शुक्र ग्रह के प्रभाव से आपकी संतान तेजस्वी और विद्वान होगी जो आगे चलकर  कुल खानदान के मान सम्मान बढ़ाएगी। 

इति शुभम।।     

पंडित धनंजय चौबे. 
मो नं० 9935356073

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