Satya Darshan

17 जनवरी: इतिहास मे आज क्या है खास

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद दुनिया की सबसे ताकतवर संस्था है। वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर फैसले करती है। उसकी पहली बैठक आज ही के दिन 1946 में हुई थी।

सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। विश्व में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा परिषद के पास अहम कदम उठाने और दण्ड देने का अधिकार भी है। सुरक्षा परिषद शांति और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर विचार करता है, प्रस्ताव पास करता है और गलती कर रहे देशों को दंड भी देता है। ताजा उदाहरण विवादास्पद परणामु कार्यक्रम के लिए ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाना है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की ही तरह उसके सर्वोच्च अंग सुरक्षा परिषद का गठन भी द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में शांति व्यवस्था पर नियंत्रण के मकसद से हुआ था। हालांकि शुरुआती सालों में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के कारण इसकी भूमिका नगण्य ही रही लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद इसकी ताकत नाटकीय ढंग से बढ़ती दिखाई दी।

कुवैत, नामिबिया, कंबोडिया, बोस्निया, रवांडा, सोमालिया, सूडान और कांगो गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र को शांति कार्यक्रमों में अलग अलग स्तर की सफलता मिली।

सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं. इनमें पांच स्थाई सदस्य (संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस और चीन) हैं और दस अस्थायी सदस्य। 

इस समय सुरक्षा परिषद के दुनिया भर में 15 अलग अलग शांति कार्यक्रमों पर करीब सवा लाख शांति रक्षक सैनिक तैनात हैं।

शीत युद्ध की समाप्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र में सुधार करने और विकासशील देशों के बढ़ते प्रभाव को फैसला लेने की प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की जा रही है। सुरक्षा परिषद का विस्तार कर उसमें प्रमुख विकासशील देशों को शामिल करने की मांग भी है। भारत काफी समय से सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट पर दावा पेश करता आ रहा है। 

17 जनवरी की अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

स्पेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ ने 1595 में की।

मुग़ल बादशाह अकबर ने 1601 को असीरगढ़ के अभेद किले में प्रवेश किया।

फ्रांस ने स्पेन के साथ समझौता करने पर फ्रांस को 1601 में बगेस वोल्रोमेय, ब्रीस तथा गेक्स इलाका प्राप्त हुआ।

प्रूशिया के ख़िलाफ़ जर्मनी ने 1757 को युद्ध की घोषणा की।

दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसवाल की स्वतंत्रता को ब्रिटेन ने 1852 को मान्यता दी।

अमेरिकी राज्य वर्जीनिया में 1863 को गृह युद्ध हुआ।

केबल कार सिस्टम के लिए एन्डू एस. हैलिदी को 1871 में पेटेंट दिया गया।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कैसिमिर पेरियर ने 1895 में इस्तीफा दिया।

1913 में रेमंड प्वाइनकेयर फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गये।

पश्चिमी यूक्रेन और बुकोविना पर रूस ने 1915 में कब्जा किया।

2.5 करोड़ डॉलर में वर्जिन आइलैंड्स को अमेरिका ने 1917 में खरीदा।

स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस कलकत्ता से जर्मनी के लिए 1941 में रवाना हुए।

फॉक्सवैगन की पहली बीटल कार 1949 में जर्मनी से अमेरिका पहुँची।

हरमस रॉकेट को यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने 1976 में लांच किया।

सोवियत संघ ने 1979 में परमाणु परीक्षण किया।

फ्लाटसटकोम-3 नासा ने 1980 में लांच किया।

इंगलैंड के खिलाफ भारतीय क्रिकेटर अजहरुद्दीन ने 1985 में दूसरा टेस्ट शतक लगाया।

1989 को उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले कर्नल जेके बजाज पहले भारतीय बने।

जापान के कोबे शहर में 1995 में आए जबरदस्त भूकंप के कारण बहुत से लोग मारे गए।

यूरोपीय संघ का सदस्य बनने के लिए चेक गणराज्य ने 1996 में आवेदन किया।

2007 में आस्ट्रेलिया के क्रिकेटर माइकल बेवन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्न्यास लिया।

भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव रणधीरसिंह ने अपने पद से 2009 में इस्तीफ़ा दिया।

इराक में 2013 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में लगभग 40 लोग की जाने गयी।

17 जनवरी को जन्मे व्यक्ति – 

1863 में महान् रशियन अभिनेता ‘कोंस्तेंतिन स्तानिस्लावस्की’ का जन्म हुआ।

1888 में भारत के प्रसिद्ध निबन्धकार, व्यंग्यकार और साहित्यकार बाबू गुलाबराय का जन्म हुआ।

1905 में भारतीय गणितज्ञ डी. आर. कापरेकर का जन्म हुआ।

1908 में भारतीय सिनेमा के निर्माता-निर्देशक तथा अभिनेता एल. वी. प्रसाद का जन्म हुआ।

1917 में अभिनेता तथा राजनेता एम जी रामचंन्द्रन का जन्म।

1918 में मशहूर फ़िल्म निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही का जन्म।

1920 में तुर्की के क्रांतिकारी कवि ‘नाजिम हिकमत’ का जन्म हुआ।

1923 में हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव का जन्म।

1930 में सर्वोत्तम पत्रिकाओं के प्रथम सम्पादक अरविंद कुमार का जन्म।

1941 में प्रसिद्ध लेखक महावीर सरन जैन का जन्म।

1945 में हिन्दी फ़िल्मों के गीतकार एवं पटकथा लेखक जावेद अख़्तर का जन्म।

17 जनवरी को हुए निधन –

असम के फ़िल्म निर्माता, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी ज्योति प्रसाद अग्रवाल का 1951 में निधन।

भारत के प्रसिद्ध मार्क्सवादी राजनीतिज्ञ ज्योति बसु का 2010 में निधन।

मशहूर फ़िल्म अभिनेत्री सुचित्रा सेन का 2014 में निधन।

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