Satya Darshan

13 जनवरी: इतिहास मे आज क्या है खास

करीब सौ साल पहले किसी को विश्वास नहीं होता था कि मनुष्य कभी पृथ्वी को छोड़कर चांद पर जा सकेगा। एक मशहूर अखबार ने तो कह भी दिया कि रॉकेट कभी उड़ नहीं सकते।

13 जनवरी 1920 को न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में खास तौर से लिखा कि रॉकेट कभी उड़ नहीं सकते। इससे पहले रॉबर्ट गोडार्ड नाम के वैज्ञानिक का एक रिसर्च आधारित लेख छपा था। इसमें उन्होंने एक ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया का वर्णन किया था जिससे रॉकेट में बैठकर मनुष्य पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को तोड़ कर बाहर जा सकता है। 

इस लेख को आज अंतरिक्ष यात्रा को संभव करने वाले सबसे अहम शोधों में गिना जाता है।

इस लेख के छपने के एक ही दिन बाद न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक बेनाम संपादकीय में लिखा कि रॉकेट में वैज्ञानिक यंत्रों को लेकर जाना नामुमकिन है। लेखक का कहना था कि अंतरिक्ष में वेक्यूम होने की वजह से वहां उड़ना असंभव है। 

अखबार का मानना था कि अगर रॉकेट को धकेलने के लिए हवा नहीं है, तो वह उड़ भी नहीं सकेगा।

कुछ वक्त बाद न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने इस दावे को वापस ले लिया लेकिन गोडार्ड पर वैज्ञानिक भी विश्वास नहीं करना चाहते थे। गोडार्ड को अमेरिकी नौसेना के साथ करार करने का मौका मिला लेकिन उनके पास शोध के लिए पैसे नहीं थे। 

इसका फायदा जर्मन तकनीक को हुआ, जिसके वैज्ञानिकों ने वी 2 रॉकेट बनाया। कहा जाता है कि सोवियत रूस के कुछ जासूसों को गोडार्ड की रिपोर्टें मिलीं और उन्होंने इसका इस्तेमाल अपने रॉकेट कार्यक्रम के लिए किया था।

13 जनवरी की अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

एलिजाबेथ (प्रथम) इंग्लैंड की साम्राज्ञी 1559 में बनी।

स्पेन में राष्ट्रीय दिवालिएपन की घोषणा के बाद 1607 में ‘बैंक ऑफ जेनेवा’ का पतन हुआ।

इतालवी खगोलविद, भौतिकविद एवं गणितज्ञ गैलीली गैलिलियो ने 1610 में बृहस्पति के चौथे उपग्रह कैलिस्टो की खोज की।

मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फर ने 1709 में अपने तीसरे भाई काम बख्श को हैदाराबाद में हराया।

उदयपुर के राणा ने 1818 में मेवाड़ प्रांत की रक्षा के लिये ब्रिटिश सेना के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी की सेना के अधिकारी डॉ. विलियम ब्राइडन 1842 में ‘आंग्ल अफ़गान युद्ध’ में जिंदा बचे रहने वाले इकलौते ब्रिटिश सदस्य रहे।

अंग्रजों और सिखों के बीच 1849 में चिलियनवाला में दूसरा युद्ध हुआ।

असम में युवाओं ने 1889 में अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘जोनाकी का प्रकाशन शुरु किया।

न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण 1910 से प्रारम्भ हुआ।

इटली के एवेज्जानो शहर में 1915 में आये विनाशकारी भूकंप में 30 हजार से अधिक लोग मारे गए।

1930 में पहली बार मिकी माउस कॉमिक स्ट्रिप का प्रकाशन हुआ।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये 1948 में आमरण अनशन शुरू किया।

टोगों के राष्ट्रपति सिलवेनस ओलिम्पियो की 1963 में एक सैनिक विद्रोह में हत्या कर दी गयी।

भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 1964 में हिंदू और मुसलमानों के बीच भयानक सांप्रदायिक दंगे हुए। जिनमें करीब 200 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए।

1966 में अमेरिका ने नवादा में परमाणु परीक्षण किया।

नासा ने 1978 में पहली अमेरिकन महिला अंतरिक्षयात्री का चयन किया।

1988 में चीन के राष्ट्रपति चिंग चियांग कुमो का निधन।

अमरीका और उसके सहयोगियों ने 1993 में दक्षिणी इराक़ में नो फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए इराक़ पर हवाई हमले की शुरूआत की।

1995 में बेलारूस नाटो का 24वाँ सदस्य देश बना।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर 2006 में ईरान पर सैन्य आक्रमण से ब्रिटेन ने इन्कार किया।

महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का 37वाँ अधिवेशन 2007 में न्यूयार्क में शुरू।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला 2009 में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष बनाए गए।

13 जनवरी को जन्मे व्यक्ति – 

1450 में जिस के जलमार्ग का प्रयोग करके ही वास्को डी गामा ने भारत के जलमार्ग की खोज की थी उस पुर्तग़ाल के नाविक बारथोलोमियु डेयाज़ का जन्म हुआ।

1896 में भारत के प्रसिद्ध कन्नड़ कवि और साहित्यकार दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे का जन्म हुआ।

1911 में हिन्दी कवि शमशेर बहादुर सिंह का जन्म हुआ।

1938 में प्रसिद्ध भारतीय संतूर वादक शिवकुमार शर्मा का जन्म हुआ।

1949 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा का जन्म हुआ।

1978 में भारतीय अभिनेता अश्मित पटेल का जन्म हुआ।

1926 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक शक्ति सामंत का जन्म हुआ।

1919 में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मर्री चेन्ना रेड्डी का जन्म हुआ।

13 जनवरी को हुए निधन –

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके आर.एन. माधोलकर का 1921 में निधन।

प्रसिद्ध शायर शौक़ बहराइची का 1964 में निधन।

भारत के प्रसिद्ध तबला वादक अहमद जान थिरकवा का 1976 में निधन।

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