Satya Darshan

कर्नाटक मेंं गिरी गठबंधन सरकार, सदन में ही बेहोश हुए मंत्री, ट्विटर पर भिड़े उमर और मेहबूबा

नयी दिल्ली (एसडी) | जुलाई 24, 2019

कर्नाटक में एचडी कुमारास्‍वामी सरकार गिर गयी है। विधानसभा में कुमारास्‍वामी विश्वासमत हासिल नहीं कर पाये। सरकार के खिलाफ 105 मत और सरकार के समर्थन में केवल 99 मत ही पड़े। वोटिंग में 19 विधायक गैरहाजिर रहे और स्‍पीकर ने वोट नहीं दिया।

इधर कांग्रेस नेता एच के पाटिल ने कहा, हमारी पार्टी के नेताओं ने हमें धोखा दिया इसलिए हम हारे। मुझे भरोसा है कि कर्नाटक के लोग इस धोखे को नहीं सहेंगे। विश्वासमत के बाद बीएस येदियुरप्पा ने कहा, यह लोकतंत्र की जीत है। लोग कुमारस्वामी सरकार से ऊब गए थे। मैं कर्नाटक के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अब विकास का नया युग शुरू होगा।

विधानसभा बीते दो हफ्तों में जरूरत से भी ज्यादा ड्रामे का गवाह बना है। बीते शुक्रवार से विश्वास मत पर चर्चा हो रही थी और आज विश्वास मत प्रस्ताव पर वोटिंग किया गया। इधर कुमारास्‍वामी सरकार गिरने के बाद भाजपा विधायकों ने बीएस येदियुरप्‍पा को बधाई दी।

कर्नाटक की 14 महीने पुरानी कुमारास्‍वामी सरकार गिरने के बाद बेंगलुरु में भाजपा ऑफिस के बाहर पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाया शुरू कर दिया। भाजपा नेता जगदीश शेट्टर ने बागी विधायकों पर कहा, अभी बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं हुए हैं। इन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद यह उनपर है कि वे भाजपा में शामिल होते हैं या नहीं। फिलहाल हमारे पास 105 विधायक हैं और भाजपा के पास बहुमत है। हम एक स्थिर सरकार बनाएंगे।

सदन में कुमारस्वामी ने कहा, विश्वासमत की कार्यवाही को लंबा खींचने की मेरी कोई मंशा नहीं थी। मैं विधानसभा अध्यक्ष और राज्य की जनता से माफी मांगता हूं। कुमारास्वामी ने कहा, मैं एक ऐक्सिडेंटल सीएम हूं। मैं अच्छा काम करने के लिए आया था। कांग्रेस-जेडीएस अच्छा काम करने के लिए साथ आयी थी। सीएम ने कहा, चर्चा चल रही है कि मैंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और कुर्सी पर क्यों बना हुआ हूं। उन्होंने कहा, जब विधानसभा चुनाव का परिणाम (2018 में) आया था, मैं राजनीति छोड़ने की सोच रहा था।

बागी विधायकों द्वारा चार हफ्ते का समय मांगने पर स्पीकर रमेश कुमार ने कहा, यह सब कोर्ट की कार्यवाही से संबंधित है। इससे कोर्ट में ही निपटाया जायेगा। कुमारस्वामी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए जानबूझकर ज्यादा समय देने के आरोपों पर स्पीकर ने कहा, मैं ऐसे लोगों को धन्यवाद देता हूं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें बुद्धि दें।

इससे पहले कांग्रेस नेता सिद्धरमैया और भाजपा के नेता विपक्ष येदियुरप्पा के बीच बागी विधायकों को जारी व्हिप को लेकर विधानसभा में तर्क-वितर्क हुआ। बागी विधायकों के इस्तीफे से कर्नाटक की कांग्रेस-जदएस सरकार के भविष्य पर खतरे के बादल मंडराये हुए हैं।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा लाये गये विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने के दौरान येदियुरप्पा ने कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया से कहा कि बागी विधायकों को उनके द्वारा जारी किये गये व्हिप का कोई मूल्य नहीं है। भाजपा नेता ने कहा, कानून की मेरी समझ यह है कि उच्चतम न्यायालय ने विधायकों (बागी) को व्हिप से संरक्षण प्रदान किया है। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। आप चाहे मुझसे सहमत हों या न हों, लेकिन आपके व्हिप का कोई मूल्य नहीं है।

सिद्धरमैया ने जवाब में कहा कि शीर्ष अदालत ने उनके व्हिप जारी करने पर रोक नहीं लगायी है और विधानसभा अध्यक्ष ने उनके इस अधिकार को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा, उच्चतम न्यायालय ने मुझसे नहीं कहा है कि मैं व्हिप जारी न करूं। मुझे व्हिप जारी करने के लिए संविधान के तहत हर अधिकार मिला है। इसे अध्यक्ष ने बरकरार रखा है।

कर्नाटक में गठबंधन की सरकार गिरने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के बीच ट्विटर वॉर हो गया. सरकार गिरने के बाद महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर लोकतंत्र का काला दिन बताया था.

इसी ट्वीट के जवाब में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह शायद ही लोकतंत्र की हत्या है. जब खंडित जनादेश मिलता है, तो ऐसे अवसरवादी गठबंधन हो जाते हैं. इसी के बाद एक दूसरे स्तर की सरकार बनाने की पहल शुरू हो जाती है जिसमें रिजॉर्ट, होटल और प्राइवेट जेट फ्लाइट की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा था कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में विधायकों को मुंबई में ठहरने के लिए पैसे दिए गए, कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार को कौन बचा सकता है.

वहीं उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह लोकतंत्र की मौत है. भले ही यह गठबंधन अवसरवादी हो लेकिन इसी ने एक अन्य पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया है.

गठबंधन सरकार गिरने के बाद अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी कर रही है. माना जा रहा है कि बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद की शपथ गुरुवार या शुक्रवार को ले सकते हैं.

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