Satya Darshan

कर्नाटक के बाद क्या अगला नंबर मध्यप्रदेश का है?

भोपाल (एसडी) | जुलाई 19, 2019

कर्नाटक में सियासी नाटक जारी है, यह खत्म हो तो मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा जाएगा?

ऐसे सियासी संकट के मौके पर ही राजनीतिक फायदे की गुंजाईश बनती है, लिहाजा कमजोर कड़ियां सियासी बयानबाजी में अभी से सक्रिय हो गई हैं! 

एमपी में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं है और बहुजन समाज पार्टी के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर सत्ता में है.

प्रदेश के 230 विधायकों के सदन में कांग्रेस के पास 114 एमएलए हैं, तो बीजेपी के 108 एमएलए हैं, जाहिर है, थोड़ा-सा राजनीतिक समीकरण गड़बड़ाया तो एमपी भी कर्नाटक बनने की दिशा में बढ़ जाएगा? 

इस वक्त बगावत के पहले के बयान खबरों में हैं, जो कमलनाथ सरकार के लिए चेतावनी भी हैं कि समय रहते अपनी सियासी सुरक्षा दीवार ठीकठाक कर लें, वरना इसमें दरार आई तो सत्ता हाथ से निकलने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा! 

कमलनाथ अनुभवी और सुलझे हुए राजनेता हैं, लेकिन एक्कीसवीं सदी के सियासी सौदाबाजी के दौर में बीसवीं सदी के राजनीतिक दांव ज्यादा असरदार नहीं हैं?

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