Satya Darshan

क्या बूढ़ा दिखाने वाली फेसऐप से यूजर की निजता को खतरा है

सरोकार | जुलाई 19, 2019

सोशल मीडिया पर फेसऐप छाई हुई है. जवान और बूढ़े दिखाने समेत कई सारे फिल्टर वाली इस ऐप से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा बताया जा रहा है. एक अमेरिकी सांसद ने तो इसे प्रतिबंधित कर इसकी एफबीआई से जांच करवाने की मांग की है.

फेसऐप नाम की इस ऐप में फोटो एडिट किए जाते हैं. लेकिन ये फोटो एडिटिंग दूसरे ऐप से थोड़ी  अलग है. यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करती है. इस वजह से इस ऐप की फोटो एडिटिंग ज्यादा वास्तविक लगती है. साथ ही, इसमें कुछ फिल्टर ऐसे हैं जो आपको बुढ़ापा या जवानी का लुक भी दे सकते हैं. इस वजह से ये ऐप ज्यादा ही मशहूर हो रहा है. बुढ़ापे और जवानी के अलावा नई हेयरस्टाइल, दाढ़ी का स्टाइल, चश्मा लगाने और मेकअप जैसे फिल्टर भी इस ऐप में दिए गए हैं. ये ऐप 2017 में पहली बार लॉन्च की गई थी.

रूस आधारित इस ऐप के नियम और शर्तों से यूजर्स की निजता में सेंध लगने की बात सामने आई है. पहले ये बात बस सोशल मीडिया के यूजरों के बीच ही थी लेकिन अमेरिकी सीनेट में नेता चक शूमे ने इस ऐप को प्रतिबंधित करने और इसकी जांच एफबीआई से करवाने की बात कही है. शूमे का कहना है कि यह ऐप निजता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है. यह ऐप यूजर का डाटा चोरी कर रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों की संवेदनशील जानकारी इस ऐप के जरिए लीक हो रही हैं.

हालांकि इस ऐप को बनाने वाली कंपनी ने इन आरोपों से इंकार किया है. कंपनी का कहना है कि तस्वीरों को क्लाउड पर प्रोसेस किया जाता है जिससे वो अच्छे से एडिट की जा सकें. तस्वीर के प्रोसेस होने के 48 घंटे बाद इसे सर्वर से डिलीट कर दिया जाता है.

ऐसा क्या है शर्तों में

ऐप के इस्तेमाल की शर्तों में लिखा है कि फेसऐप को लगातार, हमेशा के लिए, नॉनएक्सक्लूसिव, बिना किसी रॉयल्टी के, पूरी दुनिया में, पूरी तरह से देय, इस्तेमाल किए जाने के लिए हस्तांतरणीय लाइसेंस दिया जाता है जो यूजर के डाटा को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सके. इसे वह किसी और को बेच सकता है. इसे अपने हिसाब से बदल सकता है. इसे किसी भी मीडिया फॉरमेट में इस्तेमाल कर सकता है. वो इसे हाल में उपलब्ध या आने वाले समय में आए किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल कर सकता है. इसके लिए यूजर को किसी तरह का कोई भुगतान या मुआवजा नहीं दिया जाएगा.

इस जटिल भाषा को आसान करने पर समझ आता है कि अगर आपने कभी एक फोटो एडिट करने के लिए इस ऐप का इस्तेमाल किया तो वह तस्वीर कंपनी द्वारा किसी भी काम में ली जा सकती है. यह कंपनी के प्रचार से लेकर किसी भी काम आ सकती है. बड़ी बात यह है कि इसकी जानकारी भी यूजर को नहीं दी जाएगी. हो सकता है कंपनी आने वाले दिनों में आपकी तस्वीर किसी प्रचार कंपनी को बेच दे जो कहीं शराब के विज्ञापन के साथ आपकी तस्वीर लगाकर बेचे और आपको पता भी ना चले.

इसके अलावा ऐप की शर्तों में लिखा है कि फेसऐप को ये अनुमति दी जाती है कि वह किसी भी सामग्री का इस्तेमाल कर सकेगा चाहे उसके साथ किसी का नाम, आवाज, पहचान या कोई और निजी चीज जुड़ी हुई है. मतलब इस ऐप पर जिसकी भी तस्वीर आएगी उसका पूरा अधिकार यूजर फेसऐप को दे रहा है.

साथ ही वह अपनी पहचान उजागर करने की अनुमति भी दे रहा है. जो यूजर की निजता के लिए एक बड़ा खतरा है. इसके अलावा शर्तों में लिखा है कि ऐप पर कुछ भी पोस्ट करने का मतलब है कि वह सामग्री पब्लिक होगी और उस सामग्री के साथ जो भी जानकारी होगी वो भी सार्वजनिक हो जाएगी. कुछ यूजर्स का आरोप है कि फेसऐप द्वारा उनकी गैलरी से तस्वीरें अपने सर्वर पर अपलोड की जा रही हैं.

ऐप बनाने वाली कंपनी का क्या कहना है

फेसऐप बनाने वाली कंपनी ने इस विषय पर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है,"हम तस्वीरों को क्लाउड पर अपलोड करते हैं लेकिन इसकी मुख्य वजह परफॉर्मेंस और ट्रैफिक. हम यह तय करना चाहते हैं कि एक यूजर बार-बार एक ही तस्वीर अपलोड नहीं करता रहे. इसलिए अपलोड की गई अधिकतर तस्वीरें अपलोड होने के 48 घंटे बाद डिलीट कर दी जाती हैं. हम यूजर का डाटा किसी थर्ड पार्टी के साथ साझा नहीं करते हैं.

हम यूजर के डाटा जिसमें कुकीज, लॉग फाइल, डिवाइस की पहचान, लोकेशन और इस्तेमाल का डाटा शामिल है, को फेसऐप को बनाने वाली कंपनी के स्वामित्व वाली दूसरी पार्टियों के साथ साझा करता है. इसका उपयोग सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाएगा. डाटा को सिर्फ उन्हीं थर्ड पार्टियों के साथ साझा किया जाएगा जो फेसऐप की गुणवत्ता सुधार के लिए काम करती हैं. हम किसी यूजर की गैलरी से सिर्फ उसी तस्वीर को अपलोड करते हैं जिसे यूजर चाहता है."

हालांकि फेसऐप को इस्तेमाल करने के नियम और शर्तों में 48 घंटे के अंदर क्लाउड से तस्वीरें डिलीट करने का जिक्र नहीं है. इसके साथ ही ऐप की शर्तों में लिखा है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल उन सभी देशों में किया जा सकता है जहां फेसऐप काम करता है. फेसऐप आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और न्यूरल नेटवर्क तकनीक पर काम करता है. ऐसे में काम करने के लिए इसे ज्यादा जानकारी चाहिए होती है. कंपनी ने बयान जारी कर सफाई दी है और चल रहे विवादों को कम करने की कोशिश की है.

खैर, जो भी विवाद चल रहा हो लेकिन यूजर्स इस ऐप का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं. डाटा के मुताबिक एपल ऐप स्टोर पर 121 देशों में इस समय फेसऐप डाउनलोड किए जाने के हिसाब से नंबर 1 बना हुआ है. गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को अब तक 10 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. आम यूजर्स के अलावा कई सेलेब्रिटी भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.

(एएफपी)

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