Satya Darshan

फेसबुक पर अमेरिका ने लगाया 3 अरब 42 करोड़ रु. का जुर्माना, जानिए क्या है वजह

वॉशिंगटन | जुलाई 13, 2019

अमेरिका में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अमेरिकी नियामक की ओर से साइट पर यूजर्स की निजता और डाटा की सुरक्षा करने में असफल रहने पर पांच बिलियन डॉलर का जुर्माना तय किया गया है। 

अखबार की ओर से बताया गया है कि फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी)की तरफ से इुई वोटिंग में 3-2 से जुर्माने का फैसला किया गया। दो डेमोक्रेटिक सदस्‍य जो कंज्‍यूमर प्रोटेक्‍शन एजेंसी से जुड़े हैं, वे जुर्माने की बात से सहमत नहीं थे। न्‍यूज एजेंसी एएफपी की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक निजता के उल्‍लंघन में यह अभी तक के जुर्माने की सबसे बड़ी राशि है जो फेसबुक पर तय की गई है। हालांकि अभी इसे अमेरिकी न्‍याय विभाग की मंजूरी मिलना बाकी है। फेसबुक की ओर से अभी तक इस पर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। 

फेसबुक की ओर से इस वर्ष की शुरुआत में उम्‍मीद जताई गई थी कि उसे कानूनी लड़ाई में तीन से पांच बिलियन डॉलर तक का जुर्माना यूजर डाटा के उल्‍लंघन की वजह से अदा करना पड़ा सकता है। एफटीसी की ओर से पिछले वर्ष इस बात का ऐलान किया गया था कि वह साल 2011 के एक प्राइवेसी सेटलमेंट मामले की जांच फिर से करने जा रही है।

एफटीसी की ओर से यह घोषणा उस समय की गई थी जब पिछले वर्ष कैंब्रिज एनालिटिका का मामला सामने आया था। कैंब्रिज एनालिटिका जो राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के चुनावी कैंपेन से जुड़ी थी, उससे जुड़ा स्‍कैंडल सामने आया। 

इस स्‍कैंडल में खुलासा हुआ था कि साल 2016 में ट्रंप के चुनावी अभियान के दौरान लाखों यूजर्स के प्राइवेट डाटा के साथ छेड़छाड़ की गई थी। फेसबुक को इसके बाद कई मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा था। 

फेसबुक के को-फांउडर मार्क जुकरबर्ग को तो अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही तक देनी पड़ी थी। उनसे पूछा गया था कि बिजनेस पार्टनर्स के साथ क्‍या यूजर्स के प्राइवेट डाटा को एक करार के तहत शेयर किया गया था?

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