Satya Darshan

8 जनवरी: इतिहास मे आज क्या है खास

भारतीय सिनेमा की वह पहली फिल्म जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वाहवाही बटोरी फिल्मकार बिमल रॉय की थी। आज ही के दिन 1965 में उन्होंने दुनिया को कहा था अलविदा।

मधुमती, बंदिनी, सुजाता और देवदास उनकी कुछ बेहद मशहूर फिल्मों के नाम हैं। लेकिन जिस फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई वह थी 'दो बीघा जमीन'। बिमल रॉय की इस फिल्म को 1954 में हुए कान फिल्म महोत्सव में सम्मानित किया गया।

बिमल रॉय का जन्म 12 जुलाई 1909 को सुआपुर में हुआ था जो अब बांग्लादेश में है। सिनेमा सीखने के लिए रॉय कोलकाता आ गए और बतौर कैमरा असिस्टेंट काम करने लगे। उन्होंने 1935 में निर्देशक पीसी बरुआ के साथ फिल्म देवदास में सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। धीरे धीरे कोलकाता में फिल्म निर्माण उद्योग घट रहा था और मुंबई इसकी जगह ले रहा था। रॉय 1950 में अपनी टीम के साथ मुंबई चले आए। बंबई आए उनके करीबी साथियों में ऋषिकेष मुखर्जी भी शामिल थे। 

बिमल रॉय को समाज की सच्चाइयों को दिखाती यथार्थवादी फिल्मों के लिए जाना गया। उनकी फिल्मों में आम आदमी के जीवन की स्पष्ट छाप होती थी।

अपने फिल्मी करियर में फिल्मफेयर अवार्ड के अलावा कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके रॉय की फिल्म मधुमती ने 1958 में नौ फिल्मफेयर अपने नाम किए। यह रिकॉर्ड 37 सालों तक कायम रहा। 1959 में वह मॉस्को अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में जूरी के सदस्य भी रहे। 

8 जनवरी 1962 को सिर्फ 55 साल की उम्र में कैंसर से जूझते हुए उनकी मौत हो गई।

8 जनवरी की अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाएं - 

ब्रिटेन में आखिरी बार ईशनिंदा के आरोप के लिए 1697 में मृत्युदंड दिया गया था।

अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने 1790 में पहली बार देश को सम्बोधित किया।

डॉ. जॉन वीच ने हाइड्रेटेड सोडियम बोरेट की खोज 1856 में की थी।

हर्मन होलैरिथ को पंच कार्ड टैब्युलेटिंग मशीन के आविष्कार का पेटेंट 1889 में मिला था।

नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज के बीच 1929 में पहला टेलीफोन संपर्क स्थापित हुआ।

जॉर्डन ने 1952 में संविधान अंगीकार किया।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने 1971 में नेता शेख मुजीबुर रहमान को जेल से आजाद किया।

रूस का स्‍पेस “मिशन ल्‍यूना 21” 1973 में लांच किया था।

मिस्र के पुरात्ववेदाओं ने 2009 में 4,300 वर्ष पुराने पिरामिड में रानी सेशेशेट की ममी की खोज की।

8 जनवरी को जन्मे व्यक्ति –

1890 में हिन्दी साहित्यकार रामचन्द्र वर्मा का जन्म।

1908 में प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री निडर नाडिया (Fearless Nadia)का जन्म।

1909 में उपन्यासकार आशापूर्णा देवी का जन्म।

1925 में साहित्यकार मोहन राकेश का जन्म।

1926 में भारतीय ओडिसी नृत्यांगना केलुचरण महापात्र का जन्म।

1929 में भारतीय अभिनेता सईद जाफ़री का जन्म।

1938 में भारतीय फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री नन्दा का जन्म।

1942 में प्रसिद्ध ब्रितानी भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का जन्म।

1975 में भारतीय संगीतकार हैरिस जयराज का जन्म।

1984 में उत्तर कोरिया के तीसरे सर्वोच्च नेता किम जोंग उन का जन्म।

8 जनवरी को हुए निधन –

1642 मे इटली के भौतिकशास्त्री खगोल शास्त्री और विद्वान गैलीलियो गैलीले का 78 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे 1564 ईसवी में पीज़ा नगर में पैदा हुए थे। 19 वर्ष की आयु तक वे साहित्य की शिक्षा में लगे रहे उसके बाद उन्होने भौतिक शास्त्र और गणित की शिक्षा आरंभ की। उन्होंने विख्यात मुसलमान खगोलशास्त्री इब्ने हैसम के नियमों का सहारा लेकर रसदगाह या आबज़रवेटरी के लिए एक दूरबीन बनाई जिससे उन्होंने यह साबित किया कि चंद्रमा का धरातल ऊँचा नीचा है तथा आकाश गंगा अनेकों छोटे बड़े तारों का समूह है। इसी प्रकार उन्होंने यह भी सिद्ध किया कि सूर्य सौरमंडल का केंद्र है और इस मंडल के दूसरे सारे ग्रह उसे चारों ओर चक्कर लगाते हैं। गैलीलियो इस विचार के फैलने के बाद कि धरती सूर्य के चारों ओर चक्कर काटती है रोम के गिरजाघर ने उनपर मुकददमा चलाया और गैलीलियो को विवश होकर इससे इनकार करना पड़ा कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर काटती है।

एक प्रसिद्ध धार्मिक व सामाजिक सुधारक और ‘ब्रह्म समाज’ के संस्थापकों में से एक केशव चन्द्र सेन का 1884 में निधन हुआ।

भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी प्रणवानंदा महाराज का 1941 में निधन हुआ।

अमरीका में कालों के संघर्ष के नेता मार्टिन लूथर किंग को 1968 मे अज्ञात आक्रमणकारियों ने गोली मार दी जिससे उनकी मृत्यु हो गयी। वे 1929 में अटलांटा नगर में पैदा हुए थे। आरंभ में उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की और फिर जातीय भेदभाव के विरूद्ध कालों के संघर्ष में शामिल हो गये। उस समय अमरीका के काले लोगों ने जातीय भेदभाव तथा कालों से श्वेतों की श्रेष्ठता से संबंधित कानूनों के विरूद्ध देश व्यापी आंदोलन छेड़ दिया था और अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत थे। मार्टिन लूथर किंग ने भेदभाद के विरूद्ध कई प्रदर्शनो का नेतृत्व किया कालों के अधिकारों की प्राप्ति हेतु अनथक प्रयास करने के लिए उन्हें सन 1964 में नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।

पहली भारतीय महिला पायलट सुषमा मुखोपाध्याय का 1984 में निधन हुआ।

क्रिकेटर पी जी जोशी का 1987 में निधन हुआ।

स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण तथा राममनोहर लोहिया के सहयोगी रहे मधु लिमये का 1995 में निधन हुआ।

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