Satya Darshan

सरकार चाहे तो किसी को मुफ्त में दे सकती है स्पेक्ट्रम

निवेदिता मुखर्जी | जुलाई 5, 2019

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) आगामी नीलामी में स्पेक्ट्रम की मात्रा और आरक्षित कीमतों की समीक्षा करने से पहले डिजिटल संचार आयोग (पूर्व नाम दूरसंचार आयोग) की प्रतिक्रिया कर अध्ययन कर रहा है।  

ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने एक प्रतिष्ठित अखबार के साथ बातचीत में कहा, 'जितना जल्दी हो संभव होगा हम अपनी राय देंगे।' हालांकि स्पेक्ट्रम कीमतों की समीक्षा को लेकर उनके निर्णय क्या हैं, उसके बारे में उन्होंने कोई संकेत देने से इनकार कर दिया। 

इससे पहले केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में कहा था कि दूरसंचार क्षेत्र दबाव में है और दूरसंचार कंपनियों के लिए लाइसेंस शुल्क कम करने की जरूरत है। शर्मा ने कहा, 'हम कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।' उन्होंने कहा कि 5जी से दूरसंचार क्षेत्र को मदद मिलेगी। 

यह पूछे जाने पर कि 5जी से कई तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा, ऐसे में क्या स्पेक्ट्रम को किफायती बनाने के लिए आरक्षित कीमत को कम किया जा सकता है? इस पर शर्मा ने कहा, 'सरकार चाहे तो किसी को भी मुफ्त में स्पेक्ट्रम दे सकती है...स्पेक्ट्रम की आरक्षित कीमत और 5जी के लाभ में कोई सह-संबंध नहीं है।' 

5जी सिहत विभिन्न स्पेक्ट्रमों की नीलामी पर अगस्त 2018 में ट्राई की सिफारिशों के जवाब में दूरसंचार विभाग में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई डीसीसी ने पिछले महीने नियामक को आरक्षित मूल्य और इस साल बिक्री होने वाले स्पेक्ट्रम की मात्रा पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। 14 जून को डीसीसी ने ट्राई को भेजी अपनी टिप्पणी में दूरसंचार क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा भी सुनिश्चित करने के लिए कहा था। 

शर्मा ने कहा, 'कानून के अनुसार टिप्पणी प्राप्त होने पर ट्राई को 15 दिनों के भीतर डीसीसी को अपनी प्रतिक्रिया भेजनी चाहिए। अगर 15 दिन से अधिक की जरूरत होती है तो हम इस बारे में दूरसंचार विभाग को इत्तला देंगे। यह एक ऐसा निर्णय है, जिसे हमें लेना है।' दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय संकट के मद्देनजर डीसीसी ने नीलामी आरक्षित मूल्य की समीक्षा करने के लिए कहा था। 

हालांकि शर्मा ने कहा कि यह असामान्य बात नहीं थी। उन्होंने सवालिया लहजे में क०हा, 'यह क्षेत्र कब दबाव में नहीं रहा है?' अगस्त 2018 में ट्राई ने 700 एमएचजेड, 800 एमएचजेड, 3300-3400 एमएचजेड, 3400-3600 एमएचजेड सहित आठ सिग्नल बैंड में करीब 8,644 एमएचजेड तरंगदैघ्र्य की नीलामी की सिफारिश की थी। इसके लिए अनुमानित आधार मूल्य 4.9 लाख करोड़ रुपये रखा गया था। 

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