Satya Darshan

सरकारी संपत्तियों को कौडिय़ों के भाव बेच रही सरकार, संसद में गरजीं सोनिया गांधी

नयी दिल्ली (एसडी) | जुलाई 3, 2019

संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को सरकार पर रेलवे की बहुमूल्य संपत्तियों को निजी क्षेत्र के चंद हाथों को कौडिय़ों के दाम पर बेचने का आरोप लगाया और इस बात पर अफसोस जताया कि सरकार ने निगमीकरण के प्रयोग के लिए रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने जैसी एक बेहद कामायाब परियोजना को चुना है। 

उन्होंने निगमीकरण को निजीकरण की शुरुआत करार दिया। सोनिया गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि सरकार एक योजना के तहत उनके संसदीय क्षेत्र रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने समेत रेलवे की कुछ उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण करने जा रही है जो इन इकाइयों के निजीकरण की शुरूआत है। 

उन्होंने कहा, 'जो निगमीकरण का असली मायने नहीं जानते, उन्हें मैं बताना चाहती हूं कि यह दरअसल निजीकरण की शुरुआत है। यह देश की बहुमूल्य संपत्तियों को निजी क्षेत्र के चंद हाथों को कौडिय़ों के दाम पर बेचने की प्रक्रिया है।' 

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली समेत रेलवे की 6 यूनिट्स के निजीकरण का मुद्दा उठाया. अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली का मुद्दा उठाया. सोनिया ने कहा कि रायबरेली की कोच फैक्ट्री का कंपनीकरण किया जा रहा है, जो निजीकरण की शुरुआत है. यह देश की अमूल्य संपत्ति को कौड़ियों के दाम चंद निजी हाथों के हवाले करने की पहली प्रक्रिया है और इससे हजारों लोग बेरोजगार होंगे.

रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलने के साथ ही देश के पहले प्रधानमंत्री को भी याद किया. उन्होंने कहा, 'देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू सार्वजनिक उद्योगों को देश के विकास की पूंजी मानते थे. बहुत ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह सरकार मजदूर और गरीब लोगों को भूलकर सिर्फ कुछ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रही है. मजदूरों का हक छीनकर कैसे उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, यह बात किसी से छुपी नहीं है.'

गांधी ने कहा कि इससे हजारों लोग बेरोजगार हो जाते हैं। संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि असली चिंता तो इस बात की है सरकार ने इस प्रयोग के लिए रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने को चुना है जो कई कामयाब परियोजनाओं में से एक है। जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व में तत्कालीन संप्रग सरकार ने देश के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यानी मेक इन इंडिया के लिए शुरू किया था। 

गौरतलब है कि मेक इन इंडिया नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। मोदी ने हाल में लोकसभा में अपने संबोधन में कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा था कि मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाकर कुछ लोगों को भले ही रात को अच्छी नींद आ जाए लेकिन इससे देश का भला नहीं हो पाएगा। 

सोनिया गांधी ने कहा कि किसी के लिए भी समझना मुश्किल है कि क्यों यह सरकार ऐसी औद्योगिक इकाई का निगमीकरण करना चाहती है. सोनिया गांधी ने कहा कि इस सरकार ने संसद में अलग से रेल बजट पेश करने की परंपरा क्यों बंद कर दी? पता नहीं. उन्होंने कहा कि एचएएल, बीएसएनएल और एमटीएनएल के साथ क्या हो रहा है, किसी से छिपा नहीं है.

आखिर में सोनिया गांधी ने कहा 'सरकार से मेरी गुजारिश है कि रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री और सार्वजनिक क्षेत्र की सभी संपत्तियों की पूरी रक्षा करे. इन्हें चलाने वाले मजदूरों और कर्मचारियों व उनके परिवारों के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखे.

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