Satya Darshan

रॉ प्रमुख की नियुक्ति पर उठे सवाल, लगे हैं ये गंभीर आरोप

नयी दिल्ली (एसडी) | जून 27, 2019

केंद्र सरकार द्वारा सामंत गोयल को रॉ का मुखिया बनाये जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. सूत्रों का दावा है कि सरकार के इस फैसले पर रॉ के अधिकारियों ने ऐतराज जताया है. हालाकिं अरविंद कुमार को आईबी चीफ बनाए जाने को लेकर अधिकारियों में उत्साह नज़र आ रहा है.

1984 बैच के आईपीएस अधिकारी को सामंत गोयल की न्युक्ति पर कैबिनेट सचिवालय से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि उनकी न्युक्ति से साफ़ हो गया है कि सरकार को रॉ चीफ के पद पर एकआईपीएस चाहिए.दरअसल सरकार ने रॉ और आरएएस के वरिष्ठ अधिकारी आर कुमार को दरकिनार करते हुए सामंत गोयल की न्युक्ति की है.

गौरतलब है कि 1984 बैच के आरएएस अधिकारी रॉ में पाकिस्तान, काउंटर टेररिज्म डेस्क के इंचार्ज हैं.लेटरल इंडक्शन के तहत उनका भारतीय पुलिस सेवा में चयन किया गया था. साथ ही आर कुमार के पास बांग्लादेश, नेपाल, स्विट्जरलैंड में काम करने का अनुभव है और ट्रैक रिकॉर्ड भी बेहतरीन है. इसके वाबजूद सरकार ने उन्हें दरकिनार करते हुए सामंत गोयल को तरजीह दी. बताया जाता है कि सामंत गोयल ने पंजाब में खालिस्तानी आन्दोलन का दमन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके अलावा लंदन और दुबई में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. गोयल को काउंटर टेरर ऑपरेशन और पाकिस्तानी आतंकियों  के बारे में अच्छी जानकारी है.

बीते दिनों सामंत गोयल का नाम उस वक्त सुर्ख़ियों में आया था जब वर्तमान सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर भ्रष्ट्राचार मामले से जुडी एक एफआईआर दर्ज कराई थी. हालांकि इस मामले में सामंत गोयल को आरोपी नहीं बनाया गया है. सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक चार्जशीट फाइल नहीं हुई है.दरअसल सीबीआई के राकेश अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने मोईन कुरैशी मामले को कमजोर करने के लिए रिश्वत ली थी.

बताया जाता है कि सामंत गोयल और राकेश अस्थाना के एक ही बैच के होने के नाते दोनों के बीच अच्छी  दोस्ती है.ऐसे में सामंत गोयल ने अपनी पहुंच  का इस्तेमाल करते हुए इस मामले में बिचौलिए मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद की मदद से मोईन कुरैशी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को कमजोर करने की कोशिश की थी. आपको बता दें कि सामंत गोयल मौजूदा रॉ चीफ अनिल धस्माना की जगह लेंगे, जो 29 जून को रिटायर हो रहे हैं.

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