Satya Darshan

पेट्रोलियम को जीएसटी में लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल

अरुप रायचौधरी | जून 9, 2019

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में पेट्रोलियम उत्पादों को शामिल किया जाना और अन्वेषण एवं उत्पादन (ईऐंडपी) मानकों को आसान करना नई सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में शामिल होगा। सूत्रों ने कहा कि स्टैंडर्ड गैस आधारित बिजली परियोजनाओं की बहाली के लिए अलग से एक योजना पेश की जा सकती है।  

इस समय 5 पेट्रोलियम उत्पाद, पेट्रोल, डीजल, कच्च्चा तेल, प्राकृतिक गैस और विमान ईंधन (एटीएफ) जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। सूत्रों ने कहा कि तात्कालिक एजेंडा यह होगा कि पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों को मनाया जाए, जो इन्हें जीएसटी के दायरे में लाए जाने के खिलाफ हैं।

घरेलू तेल व गैस उत्पादन घट रहा है। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि ईऐंडपी क्षेत्र को भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है, जिसमें गहरे पानी और बहुत गहरे पानी वाले क्षेत्रों पर अतिरिक्त जोर दिया जाना शामिल है। 

डेलॉयट टचे तोमात्सू इंडिया के पार्टनर देवाशीष मिश्र ने कहा, 'बहुत काम किया जाना बाकी है, जिसमें ओपन एकरेज लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) और डिस्कवर्ड स्माल फील्ड (डीएसएफ) का दौर शुरू करना शामिल है। अब कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन में गिरावट पर काबू पाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।' 

2014-15 से कच्चे तेल का उत्पादन 4.7 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 2.9 प्रतिशत गिरा है, जबकि इनकी सालाना खपत बहुत तेजी से बढ़ रही है। ओएएलपी ब्लॉक और नई जगह गैस की खोज होने से भारत में उत्पादन बढऩे की उम्मीद है।  

ऑयल इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक उत्पल बोरा ने कहा, 'नेल्प की तुलना में ओएएलपी से मुख्य फायदा यह है कि कोई उपकर नहीं है, रॉयल्टी दरें कम हैैं, गैस की बिक्री की स्वतंत्रता है और राजस्व साझा करने का मॉडल पेश किया गया है। सरकार की ओर से दिए गए प्रोत्साहनों से हम खुश हैं। यह ओआईएल और ओएनजीसी के लिए बड़ा तोहफा है। बहरहाल बढ़ी तेल रिकवरी (ईओआर) नीति की फिर समीक्षा करने की जरूरत है।' 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंतरिक अनुमान के मुताबिक देश में कच्चे तेल का उत्पादन 2018-19 के 34.75 मिलियन टन (एमटी) से 10 प्रतिशत बढ़कर 2021-22 में 38.34 एमटी होने की संभावना है।  इसी तरह से 2021-22 क प्राकृतिक गैस का उत्पादन दोगुना होकर 71.92 अरब घन मीटर (बीसीएम) होने की संभावना है, जो अभी 35.07 बीसीएम है।  

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक पी एलनागो ने कहा, 'ओएएलपी में दिलचस्पी लेने वाली ज्यादातर कंपनियां घरेलू हैं और इस तरह से सरकार को उद्योग को कुछ प्रोत्साहन देने की जरूरत है। कम से कम ईऐंडपी मानकों को आसान किया जा सकता है। जीएसटी परिषद इस पर विचार कर सकती है कि राज्यों की इसमें हिस्सेदारी बढ़े और इस क्षेत्र को निवेशकों के लिए अनुकूल बनाया जाए।' 

नई सरकार ऊर्जा के मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के लिए भी कदम उठा सकती है, दो अभी 6 प्रतिशत है। अनुमानों के मुताबिक आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी आयातित कच्चे तेल से 40 प्रतिशत सस्ती है। 

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