Satya Darshan

IIT और IIM से फीस सब्सिडी खत्म करने की मोदी सरकार की तैयारी

नयी दिल्ली (एसडी) | जून 5, 2019

केंद्र सरकार जल्दी ही आईआईटी जैसे बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की फीस सब्सिडी खत्म कर सकती है। इसके बजाय केंद्र सरकार आने वाले दिनों में एलिजिबल स्टूडेंट्स को डायरेक्ट ट्रांसफर करने की तैयारी में है। 

खबरों के मुताबिक, कॉलेज और जरूरतमंद छात्रों की फीस के इंतजाम के लिए सरकार नेशनल क्राउड फंडिंग की योजना बना रही है। मोदी सरकार इसके लिए इचवन, टचवन ग्राम शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है। यह देश भर में चलाया जाने वाला मुहिम होगा। इस मुहिम के तहत सरकार हर फैमिली से निवेदन करेगी कि कम से कम वह एक स्टू़डेंट की पढ़ाई का खर्च उठाए। 

इस मुहिम के तहत एक नेशनल डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा। डोनेशन देने वाले और गरीब स्टूडेंट्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगे। सरकार का मकसद 10 लाख छात्रों के लिए कम से कम 25,000 करोड़ रुपए जुटाने की है।

एचआरडी के एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इनक्लूजन प्रोग्राम के 10 विशेषज्ञों ने इन परियोजनाओं की सिफारिश की है। इन ग्रुप में पूर्व वित्त सचिव हंसमुख अधिया, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, रेडिफ के फाउंडर अजित बालाकृष्णन और इंफोसिस से पूर्व सीईओ कृष गोपालकृष्णन शामिल हैं। देश में शैक्षणिक संस्थाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इनक्लूजन प्रोग्राम शुरू किया गया था। इसके पहले ही पीएमओ से मंजूरी मिल गई है। 

मुमकिन है कि सरकार 100 दिनों के भीतर इसे कैबिनेट में भी पेश कर सकती है। ड्राफ्ट नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पिछले हफ्ते जारी की गई थी। एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इनक्लूजन प्रोग्राम को इसमें कई खामियां नजर आ रही हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है। 

ड्राफ्ट में स्कूलों और बड़े शिक्षण संस्थानों में फीस रेगुलेशन की सिफारिश की गई थी। इसके साथ ही यह भी कहा गया था कि गरीब छात्रों को स्कॉलरशिप दिया जाए। 

View More

Search

Search by Date

जनमत

वाराणसी से पीएम मोदी लोस चुनाव 2019 जीतेंगे?

Navigation

Follow us

Mailing list

Copyright 2018. All right reserved