Satya Darshan

साध्वी प्रज्ञा के बयान पर पीएम मोदी की सफाई महज एक दिखावा

"महात्मा गांधी पर हमला करने के लिये भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े उनकी विचारधारा के लोग हमेशा एक मत ही रहते है."

शैलेंद्र सिंह | मई 19, 2019

महात्मा गांधी पर हमला करने के लिये भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े उनकी विचारधारा के लोग हमेशा एक मत ही रहते है. ऐसे लोग नेहरू गांधी परिवार पर भी हमला इस लिये ही करते है जिससे महात्मा गांधी को गाली दी जा सके. भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है. भाजपा और उससे जुड़े लोगों को लगता है कि गांधी की हत्या करने वाले नात्थूराम गोडसे का पक्ष लेकर वह हिन्दू मुस्लिम मुद्दे को वोट में बदल लेगे.

चुनाव के समय ऐसे मुद्दे खूब बढ़ते है. इस देश का जनमानस सदा से ही हिंसा का विरोधी रहा है. ऐसे में हिंसा का समर्थन करने वालों का साथ कभी नहीं देता है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश से साध्वी प्रज्ञा को लोकसभा चुनाव लड़ाने का फैसला खुद भाजपा पर भारी पड़ रहा है.

कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार से लोग बहुत खुश नहीं थे. ऐसे में लोकसभा के चुनाव में भाजपा को वहां से कम नुकसान होता दिख रहा था. भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को टिकट देकर भाजपा ने अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने वाला काम किया है. इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की बीच लोकसभा सीट की लड़ाई बराबर पर आकर रूक गई है. साध्वी प्रज्ञा ने गोडसे के पक्ष में बयान दिया तो उनका बचाव और विरोध दोनों शुरू हो गया.

भाजपा और उनके समर्थक लोगों ने साध्वी प्रज्ञा का पक्ष लेकर महात्मा गांधी पर हमला करना शुरू कर दिया.

इसके बाद ही 19वीं लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होना बाकी था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बात का आभास हो गया कि साध्वी प्रज्ञा का बयान अंतिम चुनाव में नुकसान कर सकता है. ऐसे में वह डैमेज कंट्रोल करने के लिये सामने आये और इस बयान की निंदा करते कहा कि इसके लिये वह आजीवन साध्वी प्रज्ञा को माफ नहीं करेंगे.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनको पार्टी भले ही माफ कर दे पर वह कभी माफ नहीं कर पायेगे. प्रधानमंत्री ने यह बात जरूर कही पर उनकी पार्टी से जुड़े लोग इसके बाद भी साध्वी प्रज्ञा के बयान के पक्षधर बने रहे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि गोडसे पर बयान देने वाले सभी पार्टी नेताओं से 10 दिन में जबाव देने को कहा गया है.

एक तरफ साध्वी प्रज्ञा का बचाव दूसरी तरफ उसको लोकसभा चुनाव में उतारना बताता है कि भाजपा साध्वी प्रज्ञा का विरोध केवल दिखावे के लिये कर रही है. प्रधानमंत्री को चिंता थी कि साध्वी प्रज्ञा का बयान अंतिम चरण के मतदान को प्रभावित ना कर दे.

इस कारण उसकी निंदा भले की पर भाजपा के समर्थक साध्वी प्रज्ञा ही नहीं गोडसे के काम को भी सहीं ठहरा रहे है. ऐसे में प्रधानमंत्री की मजबूरी समझी जा सकती है. भाजपा साध्वी प्रज्ञा के बयान से लाभ तो लेना चाहती है पर उससे होने वाले नुकसान से बचना चाहती है.

View More

Search

Search by Date

जनमत

वाराणसी से पीएम मोदी लोस चुनाव 2019 जीतेंगे?

Navigation

Follow us

Mailing list

Copyright 2018. All right reserved