Satya Darshan

सोशल मीडिया नहीं जमीन पर मिल रहा असली जवाब

मोदी सरकार के खिलाफ बात करने पर गाली सुनने को मिलती हो पर गांव देहात में मोदी सरकार के ‘कामकाज’ से लेकर उनके ‘चाय पकौड़ा‘ बिजनेस तक की खूब खिल्ली उड़ रही है।

शैलेंद्र सिंह | मई 12, 2019

सोशल मीडिया पर भले ही ‘भक्त’ कहे जाने वाले लोग ‘मोदी सरकार’ के खिलाफ कोई बात सुनने को तैयार ना हो. मोदी सरकार के खिलाफ बात करने पर गाली सुनने को मिलती हो. पर गांव देहात में मोदी सरकार के ‘कामकाज’ से लेकर उनके ‘चाय पकौड़ा‘ बिजनेस तक की खूब खिल्ली उड़ रही है. ये भी बात हो रही है कि चुनाव खत्म होने के बाद अगर मोदी सरकार बन गई तो सड़क किनारे रेहड़ी, दुकान, लगाने वालों से और ज्यादा पैसे वसूल किये जाने लगेंगे।

इनको सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ होने का खतरा नहीं है. शहर में बस अड्डे के पास चुनावी चर्चा में भाजपा का प्रचार करने वाले जब वहां से आगे बढ़े तो भीड़ के रूप में खड़े लोगों ने चर्चा शुरू कर दी. ये लोग आपस में बात कर रहे थे कि ‘दाल रोटी खाने को मिल नहीं रहे. रोजी रोजगार छिन गये है।

ये लोग कहते हैं मोदी का ढोल पीटो’. जौनपुर के करीब के गांव के रहने वाले लोग मजदूरी करने शहर आते हैं. दिन में यहां काम करके बस स्टेशन के पास सोते हैं. चाय की दुकान पर चाय पीते समय लोग आपस में एक दूसरे के इलाके के हालत पता करते हैं. केराकत के रहने वाले युवक ने कहा ‘हमारे यहां सपा-बसपा और कांग्रेस की लहर सही चल रही हैं. मोदी जी के साथ तो केवल बाबू साहब लोग ही हैं’।

इनमें से एक युवक ने कहा ‘भईया रेडियो पर तो हम हर गाने के बाद मोदी जी का प्रचार सुन रहे हैं. मोदी है तो मुमकिन है.’ दूसरा युवक थोड़ा गुस्से में बोला ‘रेडियो वाले पइसा लेते हैं. इसलिए मोदी है तो मुमकिन है का टोन बजा रहे हैं. हमारी तो दाल रोटी दिन पर दिन महंगी होती जा रही और मजदूरी घटती जा रही. इससे अच्छा तो पहले रहा कम से कम मनरेगा में गांव में ही काम तो मिल जाता था. घर पर खाना सोना मिल रहा था।

यहां तो काम के साथ लाला की गाली सुनों और सडक पर पड़े रहो सडक पर खाना बना के खा लो. हमका भी सेना में भर्ती कर ले मोदी जी तो जानें कुछ कर रहें।’

इनकी चर्चा को सुनने के लिये जरूरी था कि बीच में कोई टिप्पणी ना की जाये. ये लोग आदमी के सामने उसकी बातचीत के हिसाब से बोलने लगते थे. मोदी सरकार का प्रचार करने उनकी टीम से कुछ लोग फिर आ जाते हैं. ये लोग उनकी हां में हां मिलाने लगते हैं।

एक नेता जी ने तो इनके साथ वहां चाय पी रहे 20-25 लोगों की चाय का पैसा खुद ही दे दिये. चाय पीने के बाद लोग फिर कहते है ‘भइया बहुत मौज हो गई. चुनाव खत्म होते है फिर से महंगाई बढ़ जायेगी।‘ 

एक युवक सड़क किनारे समतल पड़ी जमीन पर अपना बिस्तर लगाते कहता है ‘एक बात जान लो अगर मोदी जी फिर से आ गयें तो यह सड़क किनारे सोने को भी मिल रहा नहीं मिलेगा. यहां भी सोने का पैसा वसूल होने लगेगा’।

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