Satya Darshan

चुनावों से समाचार चैनलों की कमाई में जबरदस्त उछाल

उर्वी मलवाणिया | मई 8, 2019

चुनावी गहमागहमी बढऩे से इस साल तमाम भाषाओं के समाचार चैनलों के विज्ञापन राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूरसंचार नियामक ट्राई की तरफ से नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बावजूद हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं के शीर्ष पांच समाचार चैनलों की दर्शक संख्या में तगड़ा उछाल देखा गया है। 

टीवी रेटिंग जारी करने वाली संस्था ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (बार्क) के आंकड़े बताते हैं कि शीर्ष पांच हिंदी समाचार चैनलों की दर्शक संख्या में 20-26 अप्रैल की अवधि में 66 फीसदी की जबरदस्त तेजी रही है। इस अवधि में अंग्रेजी समाचार चैनलों की दर्शक संख्या भी करीब 22 फीसदी बढ़ी है। 

इस साल की शुरुआत से ही समाचार चैनलों की टीआरपी बढऩे का सिलसिला जारी है। इस दौरान पुलवामा हमले और सीमा पर तनाव जैसी घटनाओं ने दर्शकों को समाचार चैनलों की तरफ खींचने का काम किया। 

समाचार चैनलों की दर्शक संख्या में उतार-चढ़ाव का सिलसिला देखा जाता रहा है क्योंकि यह वर्ग व्यापक रुचि वाली खबरों पर बेहद आश्रित रहता है। हालांकि प्राइम टाइम में होने वाली बहसें और सप्ताहांत पर प्रसारित होने वाले विशेष शो ने समाचार चैनलों की तरफ दर्शकों को आकर्षित करने का काम किया है लेकिन दर्शक संख्या में उछाल मुख्य रूप से बड़ी घटनाओं के इर्दगिर्द ही देखा गया है। 

एक अनुमान के मुताबिक समाचार चैनलों के राजस्व में जनवरी-अप्रैल 2019 के दौरान एक साल पहले की तुलना में 40 फीसदी वृद्धि होने की संभावना है। लेकिन विज्ञापन राजस्व में उछाल का अधिकांश हिस्सा मतदान दिवसों और अहम चुनावी सभाओं की कवरेज जैसे दिनों पर ही आया है।
 
समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विकास खानचंदानी कहते हैं, 'असल में गंभीर किस्म के समाचार चैनलों के विज्ञापन राजस्व में ऐसे मौकों पर कमी आएगी। इसकी वजह यह है कि अहम राजनीतिक गतिविधियों के समय दर्शकों को अधिक-से-अधिक जानकारी देने की होड़ होती है। लेकिन बाकी तयशुदा ढंग से चलने वाले कार्यक्रमों के राजस्व में तो बढ़ोतरी होगी।'

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