Satya Darshan

सोनिया गांधी की संपत्ति और अफवाह

संजय कु. सिंह | मई 8, 2019

सोनिया गांधी की संपत्ति को लेकर भक्त लोग अफवाह फैलाते रहते हैं। ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल से मालूम हुआ था कि 14 मार्च 2012 को दैनिक जागरण ने एक खबर छापी थी, दुनिया की चौथी सबसे अमीर राजनेता सोनिया! इसके अलावा इस दावे के समर्थन में कोई ठोस तथ्य नहीं मिला। ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल का लिंक ये रहा।

https://www.altnews.in/hindi/is-sonia-gandhi-the-4th-richest-woman-in-the-world-as-claimed-by-viral-social-media-posts/

यह तीन अक्तूबर 2018 की पोस्ट है इसके बावजूद पढ़े-लिखे, अनपढ़ हर तरह के लोग व्हाट्सऐप्प यूनिवर्सिटी की खबर को सच मानकर रोते रहते हैं। इस तथ्य के बावजूद कि पांच साल तक काले धन पर रोक लगाने वाली सरकार ने सोनिया गांधी की संपत्ति के बारे में ना कुछ कहा ना जांच की। नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग का मामला एक अलग शिकायत के आधार पर चल रहा है।

इस संबंध में जागरण की साइट पर यह खबर है, “दुनिया की चौथी सबसे अमीर राजनेता सोनिया” शीर्षक से Jagran.com पर 14 मार्च 2012 को पोस्‍ट की गई खबर गलत थी। यह खबर बिजनेस इनसाइडर (business insider.com) की लिस्‍ट के आधार पर बनाई गई थी। Jagran.com में खबर प्रकाशित होने के सात साल बाद पांच फरवरी 2019 को जब इस खबर में हुई चूक की ओर हमारा ध्‍यान आकर्षित कराया गया तो हमने इसके तथ्‍यों को गहराई से जांचा। इसमें पता चला कि यह खबर गलत है। वर्ष 2012 में प्रकाशित इस खबर के लिए हम अपने पाठकों और खबर से जुड़े संबंधित सभी लोगों से बिना शर्त खेद प्रकट करते हैं। भविष्‍य में ऐसी चूक नहीं होगी, इसका हम विश्‍वास दिलाते हैं।

इस संबंध में दैनिक भास्कर की एक खबर दो अप्रैल 2019 की है, जो गलत खबर विदेशी साइट ने खेद जता हटा दी थी, वही वायरल : यह पोस्ट 2012 से वायरल हैं। मार्च 2012 में बिजनेस इनसाइडर ने Meet The 23 Richest Politicians In The World में सोनिया को चौथे नंबर पर बताया था। स्रोत World’s Luxury Guide (based on OpenSecrets.org, Forbes.com, Bloomberg.com, Wikipedia.org, Guardian.co.uk) दिया था। जब हमने इस लिंक तक पहुंचने की कोशिश की, तो “Not Found’ लिखा आया।

यह खबर हफिंगटन पोस्ट ने भी चलाई थी। हालांकि बाद में खेद जताते हुए इसे हटा दिया था। 2011 में फोर्ब्स ने ‘भारत के 100 सबसे अमीर’ की लिस्ट जारी की थी। इसमें सोनिया का नाम नहीं है। 2014 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक इतनी है सोनिया गांधी की संपत्ति 9.28 करोड़ रुपए है।

ऑल्ट न्यूज की खबर और जागरण को सूचना मिलने का अंतर बहुत है। पर वह अलग मामला है। इतना सब होने के बाद सोनिया गांधी की संपत्ति कितनी है, कमाई कितनी है आदि में आम लोगों की दिलचस्पी है ही और यह खबर भी है। इस बार रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए दाखिल शपथ पत्र से यह स्पष्ट हो जाना था। पर अफवाह उड़ती रही। अब भी उड़ रही है। वैसे तो चुनाव आयोग के साइट पर कोई भी देख सकता है लेकिन फोन पर आई सूचना दिमाग में दर्ज हो जाती है। और खुद जांचने की जहमत कौन उठाए। व्हाट्सऐप्प के ज्यादातर फॉर्वार्ड इसीलिए होते हैं। पता नहीं आपको ये सूचनाएं मिली या नहीं पर मुझे सोनिया गांधी का शपथपत्र आसानी से मिल गया और इसके मुताबिक, (अगर मैंने सही देखा और समझा है) उनकी कुल चल अचल संपत्ति 15 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं है। बहुत लोगों को यह ज्यादा लग सकता है पर यह दुनिया की चौथी अमीर महिला की संपत्ति तो नहीं लगती है।

इस बार चुनाव के लिए दाखिल शपथ पत्र के अनुसार सोनिया गांधी की कुल संपत्ति से संबंधित खास जानकारी इस प्रकार है कल संपत्ति 7,52,81,903 (अचल), 4,29,82,013 (चल), कुल आय (17-18) पांच साल में सबसे कम 9,61,700, कुल आय (16-17) पांच साल में सबसे ज्यादा 87,03,090 बैंक में नकद 60,000 रुपए जेवर – 59,97,211, निवेश – 72,25,414 (ये सब संपत्ति में शामिल है)। सब मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 15 करोड़ नहीं है। ऑल्ट न्यूज के मुताबिक, 2014 में, इंडिया टुडे ने रायबरेली लोकसभा चुनाव से पहले श्रीमती गांधी के नामांकन पत्रों की प्रतियां प्रकाशित की थीं, जिनके अनुसार उन्होंने 2.82 करोड़ रुपये की कुल चल संपत्ति घोषित की थी।

इस हिसाब से यह दूना नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल अफवाह छह साल पुरानी एक गलत रिपोर्ट पर आधारित है, जिसे हाल की घटना के रूप में प्रसारित किया जा रहा है। यकीन करने लायक कोई ऐसा सबूत, दस्तावेज या लिंक नहीं है जो साबित करे कि सोनिया गांधी की कुल संपत्ति, 2 अरब से 19 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच हो या गौतम अदानी, इंग्लैंड की महारानी और दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला, लॉरेन पॉवेल जॉब्स की कुल संपत्ति से भी अधिक हो। फिर भी भक्त हैं तो अफवाह है।

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