Satya Darshan

8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस और भारतीय संदर्भ

दिवस विशेष | मई 8, 2019

विश्व रेड क्रॉस डे हर वर्ष 8 मई को मनाया जाता है, भारत में वर्ष 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के तहत भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी का गठन हुआ, तब से रेडक्रॉस के स्वंय सेवक विभिन्न प्रकार के आपदाओं में निरंतर निस्वार्थ भावना से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसकी शुरुआत का एक बहुत ही प्रेरक किस्सा इतिहास के पन्नों में दर्ज है....

उन दिनों इटली और ऑस्ट्रेलिया के बीच भयंकर युद्ध चल रहा था, जीतने की धुन में आगे बढ़ते सैनिक एक दूसरे को मारने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन मरने वालों और घायलों की किसी को भी चिंता नहीं थी। उस समय घायलों को  दयनीय दशा में पड़े रहने के अलावा कोई चारा न था, इस समस्या को देखते हुए जेनेवा बैंक के एक कर्मचारी जीन हैनरी डूमा ने भावनापूर्ण मनःस्थिति से विचार किया और तुरंत एक उपाय सोचा. उन्होंने सबसे पहले तो अपनी नौकरी छोड़ी, फिर फ्रांसीसी डालजीरिया में एक फार्म खरीदा और दोनों पक्षों से संपर्क साधकर इस बात पर सहमत किया कि घायलों की चिकित्सा और मृतकों की अंत्येष्टि की सुविधा उन्हें दी जाए।

इस प्रयास का नाम रखा गया रेडक्रॉस, उसका आरंभ तो छोटे रूप में हुआ, लेकिन आए दिन होने वाले युद्धों में उसकी उपयोगिता बहुत बढ़ गई, अनेक देशों की सरकारों ने रेडक्रॉस को सहयोग दिया। एक आचार संहिता बनी की युद्ध क्षेत्र में घायलों को उठाने के लिए जाने वाले रेडक्रॉस वाहनों को कोई नहीं रोकेगा, इसका श्रेय डूमा को जाता है, जिन्हें बाद में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। आज रेडक्रॉस बहुत ही सम्मानजनक स्थिति में है और दुनिया के कई देशों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराती है।

भारत में रेड क्रॉस संस्था की स्थापना

भारत में रेडक्रॉस संस्था की स्थापना सन 1920 में “पार्लियामेंट एक्ट” के तहत की गई। स्थापना के वक्त भारतीय रेड क्रॉस संस्था के अध्यक्ष भारत के उपराष्ट्रपति होते थे। लेकिन सन 1994 में रेडक्रॉस एक्ट में संशोधन किया गया। जिसके बाद रेड क्रॉस संस्था में राष्ट्रपति को इसका पदेन अध्यक्ष तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पदेन सचिव बनाया गया है।

इस संस्था का शुभारंभ दान में मिले लगभग एक करोड रुपए से किया गया। भारत में रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यों को देखते हुए लगभग 9 साल बाद अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति ने इसे मान्यता दी। आज भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की 750 से अधिक शाखाएं पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर काम कर रही हैं। रेड क्रॉस एक स्वयंसेवी राहत संस्था है। जो देश के विभिन्न स्थानों में कार्य कर रही है। इसमें शामिल होने वाले कर्मठ स्वयं सेवकों (वालंटियर्स) की संख्या हर रोज तेजी से बढ़ती जा रही है। देश के किसी भी प्रान्त में प्राकृतिक एवं मानवीय आपदा आती है तो यह संस्था राहत और बचाव कार्य में जुट कर अपने कर्तव्यों का निर्वाह बड़ी सफलता से करती है। यहां तक कि बंगाल में आयी भुखमरी के वक्त भी इसने लोगों की सहायता निस्वार्थ भाव से की।

रेड क्रॉस संस्था का उद्देश्य

👉दुनिया के हर देश में रेडक्रॉस आंदोलन को फैलाना तथा लोगों को रेडक्रॉस के बारे में तथा उसके कार्यों के बारे में जानकारी देना।

👉रेडक्रॉस के आधारभूत सिद्धांतों के संरक्षक के रूप में कार्य करना।

👉नई रेडक्रॉस समितियों को बना कर अधिक से अधिक लोगों की मदद करना।

👉नई रेडक्रॉस समितियों के संविधान से वर्तमान समितियों को सूचित करना।

👉सभी राज्यों को जेनेवा अधिवेशन स्वीकार करने के लिए राजी करना तथा अधिवेशन के निर्णयों का पालन करना।अगर इसका ढंग से पालन ना किया जाए तो इनकी कड़े शब्दों में निंदा करना।

👉कानून बनाने के लिए सरकारों पर दबाव डालना तथा इसकी अवहेलना को रोकने के लिए सेना को आदेश देना।

👉युद्ध काल में बंदियों और अन्य पीड़ितों की सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का निर्माण करना।

👉बंदी शिविर की देखरेख,युद्ध बंदियों के स्वास्थ्य की देखभाल तथा उनकी स्थिति में सुधार करने का प्रयास करना।
   
👉शांति तथा युद्ध दोनों ही समय पर दुनिया की सभी सरकारों,राष्ट्रों,उपराष्ट्रों के बीच में मध्यस्थ की भूमिका निभाना ताकि दुनिया में शांति बनी रहे।

👉युद्ध,बीमारी अथवा आपातकाल से होनेवाले कष्टों से मुक्ति का मानवोचित कार्य स्वयं करना और दूसरों को ऐसा करने के लिए सहायता देना व प्रोत्साहित करना।

रेड क्रॉस संस्था की मुख्य विशेषता

वर्तमान में रेड क्रॉस सोसायटी दुनिया के 191 देशों में कार्य कर रही है।
   
यह दुनिया भर से रक्त(Blood) इकट्ठा करने का काम करता है तथा जरूरतमंदों तक इसे पहुंचाता है।
   
रक्त इकट्ठा करने की यह दुनिया की एकमात्र सबसे बड़ी संस्था है।
   
आज विश्व के अधिकतर ब्लड बैंकों की देखरेख रेड क्रॉस एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा की किया जाता है।
   
इसके द्वारा अनेक जगहों पर समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किये जाते है।तथा लोगों को रक्तदान महादान करने को प्रेरित किया जाता है। जिससे हजारों लोगों की जान बचाई जाती हैं।
   
रेड क्रॉस एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्था है जिसका उद्देश्य लोगों, युद्ध बंदी सैनिकों प्राकृतिक आपदाओं में घायल लोगों, युद्ध में घायल नागरिकों व सैनिकों की देखरेख व मदद करना है।
   
रेड क्रॉस सोसायटी ने प्रथम विश्वयुद्ध तथा द्वितीय विश्व युद्ध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन दोनों युद्धों में घायल सैनिकों तथा नागरिकों की हर संभव मदद का प्रयास किया।
   
आज पूरे विश्व में कहीं भी मानवता पर किसी भी तरह का कोई संकट आता है तो रेड क्रॉस संस्था एक भरोसेमंद दोस्त की भांति मदद का हाथ बढ़ाने को हमेशा तैयार रहती है।

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