Satya Darshan

आरोप-प्रत्यारोप के दौर में झूठा साबित करने की होड़ और अखबारों का योगदान

संजय कु. सिंह | मई 5, 2019

चुनाव चल रहे हैं। हिन्दी पट्टी में मतदान होने हैं। इसलिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी पर है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि किसने किस आरोप को कितनी प्रमुखता दी। खासकर तब जब प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप है और अखबारों को पता है कि किस आरोप में कितना दम है। इन खबरों में अंग्रेजी हिन्दी अखबार का अंतर भी नोट करने लायक है। विज्ञापन के कारण स्थान की कमी का दबाव भी। वैसे तो इन दिनों कई दिलचस्प आरोप लगाए जा रहे हैं और आगे मैंने लगभग सभी अखबारों में पहले पन्ने पर प्रकाशित आरोप नोट किए हैं पर इनमें सबसे दिलचस्प है, यूपीए सरकार के समय राहुल के करीबी को रक्षा सौदा दिलाने का आरोप। राहुल ने इसके जवाब में कहा है कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। इसे साथ छापने से आरोप का वजन कम हो जाएगा। इसलिए किसी में यह पहले पन्ने पर नहीं है तो किसी में जवाब पहले आरोप बाद में और किसी में सिर्फ आरोप है। जवाब पहले पन्ने पर खबर के साथ नहीं है।

प्रधानमंत्री क्या भाषण दे रहे हैं आप में से बुहत लोग टीवी सुन रहे हैं। ठीक है कि उनकी इस उम्मीद में दम है कि सब लोग उनकी तरह चतुर नहीं हैं और उनकी चतुराई नहीं पकड़ पाएंगे। पर जो पकड़ रहे हैं उनका क्या हो या वे क्या करें? खासकर तब जब दैनिक हिन्दुस्तान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस आरोप को प्रमुखता से छापा है, “हताश विपक्ष के निशाने पर चुनाव आयोग” और उसके ठीक नीचे लगभग उतनी ही बड़ी खबर है, “चुनाव आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण : राहुल गांधी”। ऐसी खबरों का आम पाठक क्या करे जो उसे पहले से पता है या जो वह रोज देख रहा है, महसूस कर रहा है। वह भी तब जब ऐसी खबरें पहले पन्ने पर हैं।

हिन्दुस्तान में आज पहले पन्ने पर आधा विज्ञापन है और उपरोक्त दो के अलावा मुख्य रूप से तीन ही खबरें हैं। तीसरी लीड है, “गढ़ बचाने के लिए झोंकी ताकत”।

(नवभारत टाइम्स की खबर और इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख और जगह)

इसी तरह, नवभारत टाइम्स ने सेना के शौर्य पर कांग्रेस, बीजेपी में सियासी जंग – शीर्षक खबर को लीड बनाया है और केजरीवाल को रोड शो में मारा थप्पड़ सेकेंड लीड है। यहां गौरतलब है कि अंग्रेजी के दिल्ली के तीनों अखबारों में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। नवभारत टाइम्स ने अपनी आज की लीड के साथ पूर्व सेना प्रमुख और भाजपा नेता वीके सिंह का बयान फोटो के साथ छापा है। इसके मुताबिक, वीके सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत है। क्या आप मुझे बता सकते हैं मेरे आर्मी चीफ रहने के दौरान किस कथित सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात कर रहे हैं।

वैसे तो अखबार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) डीएस हुड्डा का बयान भी छापा है कि भारतीय सरकार मोदी सरकार के आने से पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई करती रही है। उन्होंने कहा है कि उन्हें इन ऑपरेशन की तारीख और इलाकों का ठीक पता नहीं है। अखबार ने बताया है कि हुड्डा की 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक में अहम भूमिका थी। अखबार ने भाजपा प्रवक्ता, जीवीएल नरसिम्हा राव का भी बयान छापा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता झूठे दावे कर रहे हैं। 29 सितंबर 2016 से पहले इस तरह के हमलों का कोई रिकार्ड नहीं है। यह बात सैन्य अभियान महानिदेशक ने भी आरटीआई के तहत दायर आवेदन के जवाब में कही थी।

(इंडियन एक्सप्रेस में ये खबरें पहले पन्ने पर आधा विज्ञापन होने के बावजूद हैं)

इस मामले में तथ्य यह है कि वीके सिंह 2010 से 2012 तक सेना प्रमुख रहे थे। कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त व गृह मंत्री पी चिदंबरम का साप्ताहिक कॉलम प्रधानमंत्री के झूठ पर ही है। इसका शीर्षक ही है, क्या हमें सच्चे दिन मिल सकते हैं? इसमें उन्होंने बताया है कि देश में कोई बड़ा विस्फोट नहीं होने का प्रधानमंत्री का दावा झूठा है और इसी तरह यह भी कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई उनके शासन में ही पहली बार हुई। चिदंबरम ने मोदी शासन में विस्फोट की बड़ी घटनाओं का तारीखवार विवरण दिया है और सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख और जगह भी बताई है। वीके सिंह को सही पता है कि 2010 से 2012 के दौरान कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई पर इसका मतलब यह नहीं है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई ही नहीं या कांग्रेस झूठ बोल रही है। नेता झूठ बोलें, निराधार आरोप लगाए ये अलग मामला है पर अखबार इन्हें जस का तस छापने लगें तो पाठकों को संभल जाना चाहिए।

अमर उजाला में रूटीन खबरों की रूटीन प्रस्तुति के साथ जो खास बात है वह है प्रधानमंत्री का दावा। प्रतापगढ़ से ब्यूरो की छोटी सी खबर का शीर्षक बड़ा है, खबर छोटी। मैं दोनों लिख रहा हूं। शीर्षक है, “न मैं गिरा …. मुझे गिराने में लोग कई बार गिरे : मोदी”। खबर है, “पीएम मोदी ने शनिवार को प्रतापगढ़ की जनसभा में कांग्रेस, सपा और बसपा पर हमला बोला। नाम लिए बिना राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि न मैं गिरा, न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे, पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे।” इसके जवाब में अखबार ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी छापी है पर वह इसके मुकाबले में कुछ नहीं है। आप जानना चाहें तो अखबार देखिए।

दैनिक जागरण में भी पहले पन्ने पर आधे से ज्यादा विज्ञापन है। दो ही खबरें मुख्य हैं

1. कश्मीर से जुड़े श्रीलंका धमाकों के तार

2. पीएम मोदी को सभी मामलों में क्लीन चिट

राजस्थान पत्रिका में छह कॉलम की लीड है, 41 सीटें टर्निंग प्वाइंट, दलों ने झोंकी ताकत। उपशीर्षक है, “भाजपा अमेठी में बांट रही है 20-20 हजार रुपए रिश्वत : प्रियंका गांधी”। दूसरा उपशीर्षक है, “23 मई के बाद पहले आप- पहले आप वाले पूछेंगे आप कौन : मोदी।” पत्रिका में पहले पन्ने पर विज्ञापन नहीं है। इसलिए रूटीन खबरों के अलावा जो खास खबरें हैं उनका उल्लेख कर रहा हूं।

  1. शहंशाह नहीं, लोकतंत्र चाहिए (अमर उजाला में यही खबर है जो मैंन नहीं लिखा है)
  2. (सांप से खेलकर पूरे देश में) जहर फैला रही हैं शहजादी (प्रियंका गांधी) : (मुख्यमंत्री) योगी।
  3. बची सीटों में 60 फीसदी भाजपा के लिए चुनौती। (अभी मामला और दिलचस्प होगा)
  4. कांग्रेस मृत्युशैय्या पर, वजूद बचाने में लगी : भाजपा (जीवीएल नरसिम्हा राव)

नवोदय टाइम्स के पहले पन्ने की खबरें दूसरे अखबारों के मुकाबले अलग हैं। यहां पहले पन्ने पर आधे से ज्यादा विज्ञापन है। खास खबरें इस प्रकार रहीं

  1. श्रीलंका के हमलावरों की ट्रेनिंग से भारत का इनकार (लीड)
  2. रोडशो के दौरान केजरीवाल को मारा थप्पड़
  3. सात राज्यों की 5 सीटों पर कल वोट
  4. आतंकियों ने गोलीमार कर भाजपा नेता की हत्या की। (श्रीनगर की खबर है। इस दावे के बावजूद कि आतंकवाद खत्म हो गया है)।

दैनिक भास्कर

  1. 10 वर्षों में विदेश घूमने जाने वाले 3 गुना बढ़े, सबसे ज्यादा मई में जा रहे हैं (आज का पहले पेज इतवार के लिए खास लग रहा है और यह पहले पन्ने पर लीड है)।
  2. दूसरे पहले पन्ने पर महाराष्ट्र में पानी के संकट पर एक खबर प्रमुखता से है।
  3. केजरीवाल को थप्पड़, सिसोदिया बोले – हमले के पीछे मोदी, शाह
  4. यूपीए राज में राहुल के पार्टनर को मिली पनडुब्बी की डील : जेटली इस खबर का फ्लैग शीर्षक है, रफाल पर घिरी भाजपा अब कांग्रेस के खिलाफ लाई पनडुब्बी घोटाला

इंडियन एक्सप्रेस

  1. चुनाव आयुक्त (अशोक) लवासा ने शाह, पीएम को पांच क्लीन चिट का विरोध किया।
  2. राहुल ने कहा, चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण, दबाव में है; कांग्रेस हार रही है : भाजपा।
  3. मुझे बेहद खुशी है कि 2014 हुआ, इससे कांग्रेस को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला – राहुल गांधी
  4. आपके पिता “मिस्टर क्लीन” थे पर जीवन का अंत “भ्रष्टाचारी” के रूप में हुआ मोदी ने राहुल से कहा
  5. प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी हस्तक्षेप नहीं है, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

टाइम्स ऑफ इंडिया

  1. राहुल के कारोबारी साझेदार को यूपीए शासन में रक्षा सौदे मिले : भाजपा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल यह आरोप प्रेस कांफ्रेंस करके लगाया। अरुण जेटली पांच साल वित्त मंत्री रहे, ब्लॉग लिखते रहे तो यह कैसे छूट गया इस बारे में ना अखबार ने पूछा ना बताया है (पहले पन्ने पर) लेकिन इसे बैलेंस करने के लिए राहुल गांधी का एक आरोप छापा है – राहुल ने कहा, मोदी ने सेना का अपमान किया है।

हिंदुस्तान टाइम्स

  1. सेना, चुनाव आयोग की भूमिक पर मोदी, राहुल में आरोप-प्रत्यारोप 
  2. हिन्दुस्तान टाइम्स ने सिंगल कॉलम में छापा है, भाजपा ने यूके आधार वाली रक्षा फर्म से संबंध का आरोप लगाया तो राहुल ने कहा, किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित अरुण जेटली के आरोप के साथ राहुल गांधी का यह जवाब नहीं है। 
  3. लीड का शीर्षक लगभग वही है जो इंडियन एक्सप्रेस में है।

द टेलीग्राफ

  1. लेह की प्रेस क्लब ने चुनाव आयोग और पुलिस से शिकायत की है भाजपा नेताओं ने अनुकूल कवरेज के लिए रिपोर्टर्स को रिश्वत देने की पेशकश की।
  2. सर्जिकल स्ट्राइक पूर्व में भी किए गए हैं। कांग्रेस द्वारा नहीं; सेना द्वारा। (कांग्रेस नेता पूर्व वित्त व गृह मंत्री पी चिदंबरम में आज अपने साप्ताहिक कॉलम, क्या हमें सच्चे दिन मिल सकते हैं? में बताया है कि छह सर्जिल स्ट्राइक कब और कहां हुए।
 

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