Satya Darshan

भोपाल: सोशल मीडिया रण में छाये दिग्गी, युवाओं तक पहुंचने मे नाकाम रहीं साध्वी

दीपक राय | मई 4, 2019

मध्यप्रदेश में भले 29 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है, लेकिन भोपाल केंद्र बिंदु बन गया है। कारण, यहां से उतारे गए प्रत्याशी हैं। टिकट मिलने से कुछ घंटे पहले भाजपा में आईं संघ कार्यकर्ता साध्वी प्रज्ञा और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह अब देशभर में चर्चा का विषय हैं। दोनों ही नेता विवादास्पद हैं। साध्वी पर बम ब्लास्ट का केस कोर्ट में चल रहा है, वहीं दिग्विजय सिंह की छवि मिस्टर बंटाधार की है। ऐसे में अब सोशल मीडिया ही एक ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा यह नेता युवाओं के दिल में अपने लिए जगह बना सकते हैं।

विशेष रिसर्च कर यह आंकड़ा जुटाया है कि सोशल मीडिया में किस प्रत्याशी की पैठ अधिक है? सोशल मीडिया में युवा किस नेता को पसंद कर रहा है। 

गौरतलब है कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही नेता, युवाओं तक पैठ बना पा रहे हैं। सोशल मीडिया युवाओं को प्रभावित भी कर रहा है। दिग्विजय जहां अपनी पोस्ट और ट्वीट के माध्यम से भोपाल के विकास का विजन दिखा रहे हैं, वहीं साध्वी कुछ खास पोस्ट नहीं कर पा रहीं। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कांग्रेस के दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया के सिरमौर हैं, जबकि साध्वी की सोशल मीडिया टीम बहुत पीछे छूट गई है।

युवाओं तक पहुंचने का 'दिग्गज' प्लान

दिग्विजय ने कांग्रेस कार्यालय में सोशल मीडिया पर हुई कार्यशाला में कहा था कि भाजपा उनके मुख्यमंत्रित्व काल के प्रति युवाओं के बीच झूठ का प्रसार करेगी। दिग्विजय ने कहा था कि हमें सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे युवाओं तक पैठ बनानी है जो 2004 के पहले बहुत छोटे थे, अब वे पहली बार मतदान करेंगे। कांग्रेस की सोशल मीडिया इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है। दिग्विजय फेसबुक और ट्विटर पर खूब सक्रिय हैं।

अमृता ने संभाला 'मिशन आईटी'

दिग्विजय सिंह की पत्नी और प्रख्यात पत्रकार अमृता राय ने अपने निर्देशन में एक सोशल मीडिया टीम का गठन किया है। राय के निर्र्देशन में ही दिग्विजय सिंह का प्रभावी सोशल मीडिया अभियान संचालित किया जा रहा है।

दिग्विजय का फेसबुक पेज

दिग्विजय का फेसबुक पेज वेरीफाइड है। उन्हें 10 लाख 70 हजार 955 लोग फॉलो कर हरे हैं। वे भोपाल के विकास की बात कर रहे हैं।

दिग्विजय का ट्विटर

वे 8 साल से ट्वीट कर रहे हैं। जबकि उनके 9,51000 हजार फॉलोअर्स हैं। वे सितंबर 2011 से इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। वे संघ और भाजपा को निशाना बनाकर अपने विकास के दावे वाले ट्वीट कर रहे हें।

नहीं सध पाईं साध्वी, वैरीफाइड एकाउंट तक नहीं बना पाईं

साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी घोषित किये 15 दिन से अधिक बीत गए, लेकिन उनकी सोशल मीडिया टीम ही विकसित नहीं हो पाई। 4 दिन पहले ही उनका फेसबुक का पेज तैयार हुआ। हालात यह हैं कि वह पेज वेरीफाइड नहीं है। ट्विटर पर भी साध्वी दिग्विजय से बहुत पीछे हैं। हेंडल भी वैरिफाइ नहीं है। 

भाजपा प्रवक्ता राहुल कोठारी ने 29 अप्रेल को एक पेज शेयर करते हुए लिखा कि साध्वी प्रज्ञा का यह ऑफिशियल पेज है। यानि यह पेज तुरंत ही तैयार किया गया है। इस पेज पर प्रज्ञा को महज 967 लोग की फॉलो कर रहे हैं। इस पेज पर साध्वी के दौरे, सभाओं की सभी गतिविधियां लगातार अपडेट हो रही हैं।

साध्वी का फेसबुक पेज

साध्वी प्रज्ञा भोपाल नाम से एक और फेसबुक पेज है लेकिन यह भी वैरिफाइड नहीं है। जबकि आधिकारिक फेसबुक पेज भी वेरीफाइड नहीं है। इन्हें 1722 लोग ही फॉलो कर रहे हैं। वे प्रचार की गतिविधियां शेयर कर रही हैं।

साध्वी का ट्विटर हेंडल

वे 4 साल से ट्विटर पर सक्रिय हैं। 21 हजार 300 फॉलोअर्स हैं। उन्होंने ट्विटर दिसंबर 2015 में ज्वाइन किया था। वे सभाओं और लोगों से मिलने वाले घटनाएं ट्वीट कर रही हैं।

(सभी आंकड़े 3 मई रात 7 बजे तक के हैं)

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