Satya Darshan

बिना वैल्यूएशन कर दिया 358 माइन्स लीज का नवीनीकरण, 4 लाख करोड़ का नुकसान सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

नयी दिल्ली (एसडी) | मई 1, 2019

याचिकाकर्ता का दावा चार लाख करोड़ का सरकार को नुकसान

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर हुई है। जिसमें कहा गया है कि देशभर में कच्चे लोहे की 358 खदानों की लीज का नवीनीकरण बिना किसी वैल्यूएशन के सरकार ने कर दिया है । जिसके कारण सरकारी खजाने को चार लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस जवाब में पूछा गया है कि माइनिंग लीज की नवीनीकरण को क्यों ना रद्द कर दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा, झारखंड, कर्नाटक और सीबीआई को भी नोटिस जारी किया है। यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगाकर 4 लाख करोड़ रुपए के नुकसान और भ्रष्टाचार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि 358 खदानों की माइनिंग लीज की अवधि को बढ़ाने का फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार ने वर्तमान समय के अनुसार उसका वैल्यूएशन भी नहीं कराया। नाही नीलामी की कोई प्रक्रिया अपनाई। 

केंद्र सरकार ने मनमाने तरीके से लीज का नवीनीकरण पुरानी दरों पर कर दिया। जिसके कारण केंद्र एवं राज्य सरकार को 4लाख करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के दबाव में गोवा की 160, कर्नाटक की 45, उड़ीसा की 31 खदानों का नवीनीकरण किया गया है। इसमें ज्यादातर खदानें वेदांता समूह और टाटा समूह के नियंत्रण में है। इन्हीं समूहों द्वारा भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा दिया गया है।

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