Satya Darshan

पहली बार बोलीं शहीद करकरे की बेटी, पूछा- शहीदों के नाम पर वोट मांगने वाले एक शहीद को अपमानित क्यों कर रहे?

अप्रैल 25, 2019

मुंबई में साल 2008 के 26/11 आतंकी हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र एटीएस चीफ हेमंत करकरे का नाम एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं.

हेमंत करकरे की शहादत के 11 साल बाद भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सवाल खड़े किये हैं. दरअसल उनका कहना है कि हेमंत करकरे की मृत्यु उनके श्राप से हुई है. जिसके बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया.

बीजेपी पर न सिर्फ शहीदों पर राजनीति करने का आरोप लगा बल्कि उन्हें देशद्रोही कहने को लेकर भी तंज कसे गए. हालांकि बाद में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफ़ी मांग ली.

प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादास्पद बयान के बाद पहली बार हेमंत करकरे के परिवार ने पलटवार किया है. हेमंत करकरे की बेटी जुही करकरे ने बीजेपी और प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आड़े हाथों हुए फटकार लगाई है. उन्होंने अपने पिता हेमंत करकरे की शहादत को लेकर हो रही राजनीति पर कहा कि शहीद को नीचा दिखाने वाले लोगों की कोई भी चाल काम नहीं आएगी.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हेमंत करकरे की शहादत पर राजनीति सही है या गलत, इसका फैसला वो मतदाताओं पर छोड़ती हैं. जुही करकरे ने कहा कि मतदाता समझदार हैं, वे ही जवाब देंगे.

यह पहला मौका है जब करकरे के परिवार के किसी सदस्य ने सामने आकर हेमंत करकरे की शहादत का अपमान करने वालों को लताड़ा है. इस इंटरव्यू के दौरान जुई ने कहा कि पिता की शहादत के बाद कुछ नेता चुनावी फायदे के लिए आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं. ऐसे नेताओं से मुझे कुछ नहीं कहना, क्योंकि वो समझेंगे भी नहीं और मैं ऐसे लोगों पर बोलकर उन्हें अहमियत भी नहीं देना चाहती.

इस दौरान उन्होंने मां की लिखी कविता का भी जिक्र करते हुए कहा कि “मेरे पति के शहीद होने का मुझे ग़म ज़रूर है, अफसोस नहीं… फिर भी कुछ सवाल दिल में आते हैं, पर जवाब मिल नहीं पाते. फिर मन कहता है, पागल तू किस से सवाल करता है? मालेगांव बम ब्लास्ट की मेरे पति ने जांच पूरी की है… करकरे, कामटे और सालसकर शहीद हुए, अब तो भारत माता की राजनीति है.”

जूही करकरे ने ने कहा कि मां कहती थीं कि हेमंत की शहादत पर कुछ लोगों ने तो ये भी कहा कि इनके पति को हीरोगिरी का शौक था, इसलिए ऐसा हुआ. पर मेरा कहना है कि यही उनकी देशभक्ति की अमर निशानी है. आखिर वह किसके लिए ऐसा बोल रही हैं? अपने लोगों के लिए, जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है.

वहीं प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए जुई करकरे ने कहा कि उन्हें ऐसे नेताओं से कुछ नहीं कहना. इसका कोई फायदा भी नहीं है. लेकिन मतदाता समझदार और जानते हैं कि कौन शहीदों की इज्जत कर रहा और कौन उन्हें बदनाम कर रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि शहीद को नीचा दिखाने वाले लोगों की कोई भी चाल काम नहीं आएगी.

आपको बता दें कि 2008 में मुंबईआतंकी हमले में शहीद महाराष्ट्र एटीएस चीफ हेमंत करकरे की बेटी जुही करकरे अपने पति के साथ बॉस्टन में रहती है. पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पति बैंकर हैं. जुही की ईशा और रूतुजा नाम की दो बेटियां हैं.

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