Satya Darshan

श्रीलंका में सिलसिलेवार बम धमाकों में मृतकों की संख्या 200 पार, 2009 में समाप्त गृह युद्ध के बाद सबसे बड़ी घटना

कोलंबो | अप्रैल 21, 2019

श्रीलंका में रविवार को आठ बम धमाकों में मरने वालों की संख्या 207 हो गई है. पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक लगभग 450 लोग घायल हैं. सिलसिलेवार धमाकों में कई चर्चों और होटलों को निशाना बनाया गया.

पुलिस प्रवक्ता रुवान गुणाशेखरा ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, "सभी अस्तपालों से मिली सूचना के मुताबिक कुल 207 लोग मारे गए हैं. इस वक्त की सूचना के मुताबिक 450 लोग घायल हुए हैं जिनका अलग अलग अस्पतालों में इलाज हो रहा है." इस बीच, हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की धर पकड़ के प्रयासों में छापे मारे जा रहे हैं. अधिकारियों ने इस सिलसिले में सात लोगों की गिरफ्तारी की सूचना दी है.

अधिकारियों का कहना है कि रविवार को कोलंबो और उसके आसपास के इलाके में हुए कुल आठ धमाकों में से कुछ आत्मघाती विस्फोट भी हो सकते हैं. इस बीच श्रीलंका की सरकार ने सरकार ने सोशल मीडिया पर अस्थायी रोक लगा दी है ताकि किसी तरह का अफवाह को फैलने से रोका जा सके. 

अभी तक किसी समूह ने इन धमाकों की जिम्मेदार नहीं ली है. कुछ ईसाई समूहों का कहना है कि उन्हें हाल के सालों में कट्टरपंथी बौद्धों की तरफ से डराया धमकाया जाता रहा है. वहीं बौद्धों का अल्पसंख्यक मुसलमानों से टकराव होता रहा है. उनका कहना है कि मुसलमान लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं.

श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के दिन कई चर्चों और होटलों को निशाना बनाया गया. ये सभी धमाके राजधानी कोलंबो और उसके आसपास हुए. श्रीलंका में 2009 में गृह युद्ध खत्म होने के बाद से यह वहां सबसे बड़ा हमला है. अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि मरने वालों में अमेरिका, ब्रिटेन और नीदरलैंड्स के नागरिक भी शामिल हैं.

पुलिस और मीडिया की रिपोर्टों का कहना है कि ये धमाके रविवार को उस समय हुए जब चर्चों में ईस्टर की प्रार्थना चल रही थी. धमाकों में ऐसे होटलों को भी निशाना बनाया गया जहां अकसर विदेशी ठहरते हैं.

पुलिस ने बताया कि जिन चर्चों को हमलों में निशाना बनाया गया उनमें से एक सेंट एंथनी श्राइन राजधानी कोलंबो के उत्तर में है जबकि दूसरा चर्च सेंट सेबास्टियन चर्च नेगोंबो शहर में पड़ता है. तीसरा चर्च जहां हमला हुआ, उसका नाम है जियोन चर्च जो उत्तरी शहर बाट्टीकलोआ में पड़ता है. पुलिस का कहना है कि बट्टीकलोआ के अस्तपाल में 300 घायलों का इलाज चल रहा है.

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इन हमलों को "कायरतापूर्ण" बताया है और उन्होंने इस बारे में अपने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, "श्रीलंका मजबूत और एकजुट बना रहेगा."

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया कि भारत पूरी तरह श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है और "हमारे क्षेत्र में इस तरह की बर्बरता के लिए कोई जगह नहीं है."

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी श्रीलंका में हिंसा का शिकार बने लोगों के प्रति संवेदना जताई है. उन्होंने अपने ट्वीट में इसे आतंक की कार्रवाई बताते हुए इसकी निंदा की है.

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल के प्रवक्ता श्टेफान जाइबर्ट ने कहा है, "हम घायलों और पीड़ित परिवारों के लिए संवेदना प्रकट करते हैं और उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं." उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, "आतंकवाद, धार्मिक नफरत और असहिष्णुता को जीतने नहीं देंगे."

कोलंबो के आर्कबिशप मैल्कम रंजीत ने श्रीलंका की सरकार से हमले के लिए जिम्मेदारी लोगों को "बेदर्दी से" दंडित करने को कहा है "क्योंकि सिर्फ जानवर ही ऐसा व्यवहार कर सकते हैं."

इस बीच न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने भी इन हमलों की निंदा की है. उनके देश की दो मस्जिदों में हाल में हुए हमलों में 50 लोग मारे गए थे.

(एएफपी, रॉ़यटर्स)

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